चुनाव लड़ेंगी आंग सान सू ची

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Image caption सू ची को कई वर्षों तक घर में नज़रबंद रखा गया था

बर्मा में लोकतंत्र के लिए अभियान चला रही आंग सान सू ची ने पुष्टि की है कि वो इस साल संसद के लिए होने वाले उपचुनावों में उम्मीदवार होंगी.

सू ची की पार्टी नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) के एक प्रवक्ता ने बताया कि सू ची ने अभी ये तय नहीं किया है कि वो किस क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी लेकिन ये तय किया गया है कि वो चुनाव लड़ेंगी.

एनएलडी के एक अधिकारी न्यान विन ने संवाददाताओं से कहा, '' आंग सान सू ची उपचुनावों में उम्मीदवार होंगी लेकिन अभी ये बताना जल्दबाज़ी होगी कि वो किस चुनाव क्षेत्र से उम्मीदवार होंगी.''

एनएलडी ने 1990 में आम चुनावों में बड़ी जीत दर्ज़ की थी लेकिन बर्मा के सैन्य शासकों ने इन परिणामों को मानने से इंकार करते हुए देश में सैन्य शासन लगा दिया था. इसके बाद सू ची को उनके घर में नज़रबंद कर दिया गया.

पार्टी ने पिछले हफ्ते ही यह फ़ैसला किया है कि वो मुख्यधारा की राजनीति में लौटेंगे.

उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ वर्षों में बर्मा में नागरिक शासन लाया गया है और कई सुधारों की घोषणा हुई है. हालांकि अभी भी सत्ता मुख्य रुप से सेना के हाथ में है लेकिन कई सुधार की शुरुआत को अच्छा क़दम माना जा रहा है.

इन सुधारों की घोषणा के बाद अमरीका ने अपने विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन को बर्मा के दौरे पर भेजने की घोषणा की है. पिछले 50 सालों में किसी अमरीकी विदेश मंत्री की यह पहली बर्मा यात्रा होगी.

इतना ही नहीं क्षेत्रीय संगठन आसियान ने भी कहा है कि बर्मा ने जितने सुधारों की घोषणा की है उसके आधार पर 2014 में बर्मा को आसियान की अध्यक्षता दी जा सकती है.

एनएलडी ने शुक्रवार को घोषणा की थी कि वो चुनावों के बहिष्कार के अपने पूर्व के फैसले को बदल रहे हैं और वो आने वाले दिनों में 48 सीटों के लिए हो रहे उपचुनावों में अपने उम्मीदवार खड़ा करेंगे.

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