भारत-नेपाल में कर समझौता पर हस्ताक्षर

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Image caption नेपाल के प्रधानमंत्री कुछ महीने पहले भारत आए थे

भारत और नेपाल ने रविवार को कर से जुड़े अहम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. ये समझौता दोगुने कर से बचने के लिए हैं जिसे डबल टेक्सेशन अवॉयडेंस एग्रीमेंट का नाम दिया गया है.

भारत की ओर से इस पर वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी नें हस्ताक्षर किया.

इसका मकसद नेपाल में भारतीय व्यवसायियों के लिए बिज़नेस का बेहतर माहौल तैयार करना है.

विदेश सचिव रंजन मथई शनिवार से ही काठमांडु में हैं. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “नेपाल में शांति, स्थायित्व और समृद्धि आने से भारत का भी हित जुड़ा हुआ है. इसीलिए हम दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाना चाहते हैं.”

डीटीएए के लागू होने के बाद भारतीय निवेशकों और व्यवसायियों को नेपाल में कर देने के बाद भारत में करों में छूट मिलेगी.

कुछ महीने पहले नेपाल के प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टाराई भारत आए थे. उस दौरान नेपाल में भारतीय निवेश बढ़ाने के लिए द्विपक्षीय निवेश समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे.

वैसे इसी दौरे के दौरान ही करों से जुड़ी संधि पर हस्ताक्षर होने थे लेकिन कुछ वजहों से इसे टाल दिया गया था.

इस संधि के कुछ पहलुओं को लेकर नेपाल सरकार में मतभेद थे जिसे सुलझा लिया गया है. कुछ दिन पहले ही नेपाल की कैबिनेट ने संधि को अपनी मंज़ूरी दे दी थी.

विशेषज्ञों का कहना है कि इस समझौते के बाद ज़्यादा भारतीय निवेशक नेपाल की ओर आकर्षित होंगे.

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