प्लाइर से माँस 'निकाल' दिया

इमेज कॉपीरइट bbc

बीबीसी को मिले एक वीडियो में दिखाया गया है कि प्रताड़ित की गई 15 साल की एक शादीशुदा अफ़ग़ान बच्ची को किस क़दर चोट लगी है.

इस बच्ची के पति और परिवारवालों ने उसे कई महीनों से क़ैद करके रखा हुआ था.

ये मामला इस हफ़्ते तब सामने आया जब पुलिस ने सहर गुल को बचाया. वे अपने ससुराल में बेसमेंट में क़ैद थी.

पुलिस का कहना है कि उसके नाख़ून और बाल निकाले गए थे और शरीर से माँस के कुछ हिस्से प्लाइर से निकाले हुए थे.

सहर गुल की शादी 30 साल के एक पुरुष से सात महीने पहले कर दी गई थी जब वो 14 साल की थी. जब सहर के माँ-बाप उससे कई महीनों तक नहीं मिल पाए तो उन्होंने पुलिस से संपर्क किया.

बग़लान शहर में पुलिस अधिकारी के मुताबिक़ उसे ससुराल में एक अंधेरे कमरे से बचाया गया जहाँ कोई खिड़की तक नहीं थी.

वीडियो में सहर को एक व्हीलचेयर में अस्पताल ले जाते हुए दिखाया गया है और उससे पूछा जा रहा है कि उसे किसने पीटा. तब सहर अपने ससुर, ननद और सास का नाम लेती है.

सहर ने बताया कि उसके बाल और नाख़ून उसकी सास ने निकाले थे.

प्रशासन का कहना है कि उन्हें इन रिपोर्टों की जानकारी थी कि बच्ची द्वारा वेश्यावृत्ति में जाने से मना करने पर उसे प्रताड़ित किया जा रहा है लेकिन वे इसकी पुष्टि नहीं कर पा रहे थे.

बग़लान में महिला कल्याण विभाग की निदेशक रहीमा ज़रीफ़ी का कहना है कि सहर को मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया गया है और मनोवैज्ञानिक घाव भरना बहुत मुश्किल है.

पुलिस ने ससुराल वालों को पकड़ लिया है पर पति फ़रार है. अफ़ग़ानिस्तान में परिवार या ससुराल वालों के हाथों घरेलू हिंसा आम बात है.

मानवाधिकार संस्थाओं की चिंता है कि अंतरराष्ट्रीय जगत का ध्यान सैन्य अभियान पर है जबकि महिलाओं की स्थिति नज़रअंदाज़ की जा रही है.

2011 के दूसरे हिस्से में अफ़ग़ान स्वतंत्र मानवाधिकार आयोग ने महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के 1026 मामले दर्ज किए गए. ये वो मामले हैं कि खुलकर सामने आए.

अफ़ग़ान क़ानून के तहत शादी के लिए लड़कियों की उम्र 16 वर्ष होनी चाहिए. हालांकि आधी से ज़्यादा लड़कियों की शादी और भी कम उम्र में हो जाती है.

संबंधित समाचार