बीसीसीआई की पुनर्विचार याचिका ख़ारिज

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भारत में क्रिकेट को नियंत्रण करने वाली सर्वोच्च संस्था बीसीसीआई में सुधारों को लेकर बनी लोढ़ा कमेटी की सिफ़ारिशों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई को राहत देने से इंकार कर दिया है.

बीसीसीआई ने अदालत में पुनर्विचार याचिका दायर की थी जिसमें बोर्ड ने अपील की थी कि सुप्रीम कोर्ट अपने फ़ैसले पर दोबारा विचार करे और इसे पांच जजों की बेंच के हवाले किया जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को अपना फ़ैसला सुनाते हुए बीसीसीआई की अपील को ठुकरा दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने 18 जुलाई को अपना फ़ैसला सुनाते हुए कहा था कि बोर्ड को जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सभी सिफ़ारिशों को पूरी तरह से लागू करना होगा.

लोढ़ा कमेटी का गठन भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही किया गया था.

बीसीसीआई ने उन सिफ़ारिशों को पूर्ण रूप से लागू करने में अपनी असमर्थता जताते हुए अदालत से गुहार लगाई थी कि वो इस पर दोबारा विचार करे.

सुप्रीम कोर्ट ने 18 जुलाई को जो फ़ैसला सुनाया था उसके अनुसार बीसीसीआई में न तो मंत्री हो सकेंगे और न ही अधिकारी. इसके अलावा एक व्यक्ति-एक पद का नियम लागू होगा और अधिकारियों की अधिकतम उम्र सीमा 70 साल होगी.

इन सभी सिफ़ारिशों को बोर्ड को छह महीने के अंदर लागू करना है.

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