भारत और न्यूज़ीलैंड आज करेंगे आख़िरी वार

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Image caption महेंद्र सिंह धोनी

भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच शनिवार को विशाखापत्तनम में मौजूदा पांच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचो की सिरीज़ का पांचवा और आखिरी मैच खेला जाएगा.

दोनो टीमें 2-2 से बराबरी पर है.

इसे देखते हुए दोनो ही टीमों पर मैच के साथ ही सिरीज़ अपने नाम करने का दबाव होगा.

टेस्ट सिरीज़ एकतरफा रूप से 3-0 से हारने के बाद न्यूज़ीलैंड की टीम धर्मशाला में खेले गए पहले एकदिवसीय मैच में भारत से बेहद आसानी से सात विकेट से हार गई .

तब लगा उलटफेर करने में माहिर न्यूज़ीलैंड बाकि मैचो में भी भारत के सामने टिक नहीं सकेगी.

धर्मशाला में तो न्यूज़ीलैंड की टीम 43.5 ओवर में केवल 190 रनो पर ढेर हो गई.

विराट कोहली ने नाबाद 85 रन बनाकर भारत को जीत की राह दिखाई.

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Image caption विराट कोहली

इसके बाद दिल्ली में खेले गए दूसरे मैच में न्यूज़ीलैंड ने भारत दौरे में पहली जीत का स्वाद चखा.

हालांकि न्यूज़ीलैंड कप्तान केन विलियमसन के 118 रनों की शतकीय पारी के बावजूद नौ विकेट खोकर 242 रन ही बना सकी थी, लेकिन उसके गेंदबाज़ो ने भारत को 49.3 ओवर में 236 रनों पर समेट दिया.

भारत केवल छह रन से हारा.

मोहाली में खेले गए तीसरे मैच में न्यूज़ीलैंड ने 49.4 ओवर में 285 रन जैसा अच्छा ख़ासा स्कोर बनाया, लेकिन भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने नम्बर चार पर आकर धुआंधार 80 रन बनाकर रंग जमा दिया.

विराट कोहली ने नाबाद 154 रन बनाकर न्यूज़ीलैंड के गेंदबाज़ो को बेबस कर दिया.

भारत सात विकेट से जीतने में कामयाब रहा. इसके बाद धोनी के अपने घर रांची में न्यूज़ीलैंड ने ज़बरदस्त पलटवार करते हुए चौथे मैच में भारत को 19 रनों से हरा दिया.

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Image caption केन विलियमसन

इस मैच में भारत पूरे मैच में संघर्ष करता रहा.

जीत के लिए 261 रनो के लक्ष्य का पीछा करते हुए कभी भी भारतीय टीम जीतती नही दिखी.

इस एकदिवसीय सिरीज़ में पहली बार सलामी बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे ने जमकर खेलते हुए 57 रन बनाए.

उनके जोड़ीदार रोहित शर्मा केवल 11 रन बना सके.

इससे पहले भी वह पिछले तीन मैचो में 13, 15 और 14 रन ही बना सके है.

उनका नाकाम होना भारत के लिए चिंता की बात है.

रांची में तो ख़ुद कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का यह हाल था कि वह जैसे-तैसे 31 गेंदो पर 11 रन बना सके.

विराट कोहली भी 45 और अक्षर पटेल 38 रन बनाकर आउट हुए. बढ़ते दबाव के बीच केदार जाधव, मनीष पांड्य और हार्दिक पांड्या बिखर गए.

न्यूज़ीलैंड के तीन स्पिनर के साथ खेलने की रणनीति काम कर गई.

सिरीज़ में पहली बार मार्टिन गप्टिल ने बल्ले की खामोशी तोड़ी. उन्होने 72 रन बनाए.

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Image caption मार्टिन गप्टिल

गप्टिल के अलावा कप्तान केन विलियमसन ने 41, टॉम लैथम ने 39 और रोस टेलर ने 35 रन बनाए.

शीर्ष क्रम लय में लौटा. न्यूज़ीलैंड ने ल्यूक रोंकी और कोरी एंडरसन को लगातार नाकाम होने के बाद टीम से बाहर किया था.

वैसे गेंदबाज़ी में भारतीय गेंदबाज़ो ने अपनी तरफ से कोई कमी नही छोडी है.

हार्दिक पांड्या, अमित मिश्रा और जसप्रीत बुमराह के अलावा उमेश यादव और केदार जाधव विकेट लेने में कामयाब रहे है.

बुमराह तो पिछला मैच नही खेल सके थे. उनकी जगह धवल कुलकर्णी ने ली थी.

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Image caption हार्दिक पांड्या

कुछ भी हो विशाखापत्तनम में अगर न्यूज़ीलैंड जीत गई तो वह भारत में पहली बार कोई एकदिवसीय सिरीज़ जीतेगी.

दूसरी तरफ धोनी की कप्तानी में भारत ने पिछली एकदिवसीय सिरीज़ बांग्लादेश के ख़िलाफ 2-1 से, ऑसट्रेलिया के ख़िलाफ 4-1 से और अपनी ही ज़मीन भारत में दक्षिण अफ्रीका से 3-2 से गंवाई है.

धोनी ज़िम्बॉब्वे के ख़िलाफ ज़रूर 3-0 से जीते.

अब देखना है कि दीवाली पर सिरीज़ जीतने का तोहफा किसके हाथ लगता है

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