अब इंग्लैंड से बदला चुकाने की बारी

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Image caption विराट कोहली

जीत के रथ पर सवार भारतीय क्रिकेट टीम अब बुधवार से इंग्लैंड के ख़िलाफ पांच टेस्ट मैचों की सिरीज़ खेलने के लिए तैयार है.

सिरीज़ का पहला टेस्ट मैच राजकोट में है. राजकोट के मैदान में खेले जाना वाला यह पहला टेस्ट मैच होगा.

इससे पहले राजकोट में दो एकदिवसीय और एक टी-20 अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैच खेला गया है. इंग्लैंड टीम की कमान एलिस्टेयर कुक के हाथों में है.

इससे पहले साल 2012 में इंग्लैंड ने एलिस्टेयर कुक की कप्तानी में ही भारत को चार टेस्ट मैचो की सिरीज़ में 2-1 से हराया था. तब भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी थे.

उसके बाद से भारत अपनी ज़मीन पर कोई टेस्ट सिरीज़ नहीं हारा है. इस बार भारत की कमान विराट कोहली के हाथों में है. उनकी कप्तानी में भारत ने पहले तो दक्षिण अफ्रीका और उसके बाद न्यूज़ीलैंड को टेस्ट सिरीज़ में मात दी है.

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Image caption एलिस्टेयर कुक

दूसरी तरफ भारत इंग्लैंड से पिछले तीन टेस्ट सिरीज़ हार चुका है. पहले तो भारत अपनी ही ज़मीन पर साल 2012 में चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ 2-1 से हारा था.

इससे पहले भारत साल 2011 में इंग्लैंड में चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ 4-0 से हारा था. इसके अलावा भारत साल 2014 में चार टेस्ट मैचो की सिरीज़ 3-1 से हार चुका है.

लेकिन भारत के दौरे पर आई इंग्लैंड की यह टीम जैसे ही पिछले दिनो बांग्लादेश में दो टेस्ट मैचों की सिरीज़ का दूसरा मैच 108 रनों से हारी, उसके साथ ही क्रिकेट पंडितो की नज़र में उसने अपना भरोसा भी खो दिया.

अब कहा जा रहा है कि इंग्लैंड के लिए भारत में टेस्ट सिरीज़ जीतना बेहद मुश्किल है. एक वजह यह भी है कि भारत के स्पिनर आर अश्विन, रवींद्र जडेजा और अमित मिश्रा ज़बरदस्त फॉर्म में हैं.

उनकी घूमती गेंदो के सामने न तो दक्षिण अफ्रीका के नामी बल्लेबाज़ टिक सके और ना ही न्यूज़ीलैंड के.

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Image caption आर अश्विन

इतना ही नहीं जैसे ही तेज़ गेंदबाज़ो मोहम्मद शमी, उमेश यादव और भुवनेश्वर कुमार को मौक़ा मिला वह भी पीछे नहीं रहे.

अब दो टेस्ट मैचों के लिए घोषित भारतीय टीम में भुवनेश्वर कुमार तो नही हैं, लेकिन अनुभवी इशांत शर्मा अब पूरी तरह फिट होकर टीम में लौटे हैं.

वैसे तो टीम में सलामी बल्लेबाज़ शिखर धवन, के एल राहुल और रोहित शर्मा भी चोट की वजह से जगह नहीं बना सके.

इसके बावजूद मुरली विजय, गौतम गंभीर, अजिंक्य रहाणे, चेतेश्वर पुजारा, ख़ुद कप्तान विराट कोहली, रिद्धिमान साहा और ज़रूरत पडने पर आर अश्विन भी बेहतरीन बल्लेबाज़ी कर सकते हैं.

विराट कोहली तो न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ इंदौर में खेले गए टेस्ट मैच में दोहरा शतक भी लगा चुके हैं.

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Image caption अजिंक्य रहाणे-विराट कोहली

क्रिकेट समीक्षक कह रहे है कि पिछली बार इंग्लैंड के पास तेज़ गेंदबाज़ जेम्स एंडरसन, स्पिनर ग्रीम स्वान और मोंटी पानेसर के अलावा करिशमाई बल्लेबाज़ केविन पीटरसन भी थे.

उस स्तर के स्पिनर और बल्लेबाज़ इस बार इंग्लैंड के पास नही हैं. हांलाकि मोइन अली पर एलिस्टेयर कुक भरोसा कर सकते हैं. मोइन अली के अलावा इंग्लैंड की टीम में लेग ब्रेक गेंदबाज़ आदिल रशीद और खब्बू लेग स्पिनर ज़फ़र अंसारी हैं.

मोइन अली तो ज़रूरत के समय बल्लेबाज़ी भी कर लेते हैं. इग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ स्टुअर्ट ब्रॉड राजकोट में अपना सौवां टेस्ट मैच खेलेंगे.

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Image caption मोइन अली

इंग्लैंड के लिए राहत की बात बस यही है कि जेम्स एंडरसन दूसरे टेस्ट मैच से टीम के साथ जुड़ सकते हैं. उनकी चोट गंभीर नहीं है.

इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी की रीढ़ जो रूट हैं. अगर वह फॉर्म में आ गए तो फिर भारतीय गेंदबाज़ो को परेशानी हो सकती है.

इनके अलावा बेन स्टोक्स बेहतरीन ऑलराउंडर हैं. जोस बटलर और गैरी बैलेंस अच्छी बल्लेबाज़ी कर सकते हैं, हांलाकि बैलेंस इन दिनो फॉर्म में नहीं हैं.

बेन स्टोक्स और क्रिस वोक्स तेज़ गेंदबाज़ी में मोर्चा संभाल सकते हैं.

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Image caption जेम्स एंडरसन-जो रूट

आंकडों में भारत और इंग्लैंड के बीच अभी तक 112 टेस्ट मैच खेले गए हैं. भारत 21 में जीता है, 43 में हारा और 48 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे.

अपनी ही ज़मीन पर भारत ने इंग्लैंड के ख़िलाफ 55 टेस्ट मैच खेले हैं. 15 जीते ,13 हारे और 27 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे.

अब इस सिरीज़ में कौन किस पर भारी पड़ेगा, इसका अंदाज़ा पहले टेस्ट मैच से लग जाएगा.

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