18 की उम्र में कामयाबी जिसके कदम चूमती है

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Image caption अदिति अशोक

भारत की युवा गोल्फर अदिति अशोक ने बीते रविवार को गुरुग्राम में खत्म हुए हीरो महिला इंडियन ओपन गोल्फ टूर्नामेंट का ख़िताब जीत लिया. इस तरह वह लेडीज यूरोपियन टूर जीतने वाली भारत की पहली महिला गोल्फर भी बन गईं हैं.

केवल 18 साल की अदिति अशोक ने आखिरी दौर में इवन 72 का कार्ड खेलकर ख़िताब जीता. अदिति अशोक के पास शनिवार तक दो स्ट्रोक की बढ़त थी, और उनका कुल स्कोर तीन अंडर 213 था. अदिति अशोक ने अमरीका की ब्रिटनी लिनसीकोम और स्पेन की बेलेन मोजो को एक शॉट से पीछे छोड़ा.

उनकी कामयाबी की इस दास्तान को बेहद नज़दीक से गोल्फ विशेषज्ञ वी कृष्णास्वामी ने देखा. कृष्णास्वामी कहते हैं कि अदिति अशोक की कामयाबी बेहतरीन है. भारत में तो महिला गोल्फ की शुरूआत ही केवल पिछले दस साल में हुई है. महिलाओं की पहली पेशेवर गोल्फ प्रतियोगिता भी 10 साल पहले दिल्ली में ही हुई थी. भारत में अभी भी गोल्फ यूरोप की तरह लोकप्रिय नही है और ना ही इतने जोश के साथ खेला जाता है, इसलिए बेंगलुरु की अदिति अशोक की उपलब्धि और भी सराहनीय है.

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Image caption अदिति ने हीरो महिला इंडियन ओपन गोल्फ टूर्नामेंट जीता है.

इस टूर्नामेंट के यूरोपियन होने के कारण इसमे कुल मिलाकर 114 महिला गोल्फर शामिल थी. इनमें दुनिया में लगभग 38वें पायदान वाली अमरीका की ब्रिटनी लिनसीकोम जो अभी तक दो मेजर जीत चुकी हैं. उनके अलावा स्पेन की बेलेन मोजो, बेथ एलन भाग ले रही थीं. बेथ एलन यूरोपियन टूर के ऑर्डर ऑफ मेरिट में अभी भी नम्बर एक हैं. इनके अलावा सात और विदेशी गोल्फर थीं जिन्होंने इस साल कम से कम एक प्रतियोगिता ज़रूर जीती है.

इनके सामने अदिति अशोक लगभग अनुभवहीन थीं क्योंकि यह उनका पहला ही साल है जब वह पेशेवर गोल्फ में भाग ले रही हैं. यह उनका सिर्फ 11वां टूर्नामेंट था. इसके अलावा अदिति अशोक ने इस साल चार टूर्नामेंट में टॉप-10 में जगह बनाई है.

वी कृष्णास्वामी कहते है कि इस टूर्नामेंट में अदिति अशोक ऐसे खेली जैसे वह 18 नही 28 साल की हों. उन्होने केवल 6 साल की उम्र से ही बेंगलुरु में कर्नाटक गोल्फ एसोसिएशन कोर्स पर गोल्फ सीखना शुरू किया. इसके बाद अदिति अशोक ने अमच्योर गोल्फ टूर्नामेंट में कई कीर्तिमान स्थापित किए. साल 2015 इनका आखिरी एम्चयोर साल था, इसमें इन्होंने 6 अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिताए जीती. इनमें दो इंग्लैंड और मलेशिया, थाइलैंड में भी आयोजित हुई थी.

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इसके अलावा अदिति अशोक ने साल 2014 में यूथ ओलंपिक में हिस्सा लिया था. इसी साल जब रियो में गोल्फ को शामिल किया गया तब अदिति अशोक केवल 18 साल की होने और प्रोफेशनल गोल्फर के रूप में पहला ही साल होने के बावजूद क्वॉलिफाई करने में कामयाब रहीं और पहले दो दिन उनका खेल भी जानदार रहा. इसकी बदौलत अदिति अशोक पूरी दुनिया को गोल्फर का ध्यान अपनी तरफ खीचने में सफल रही.

अदिति अशोक की इन कामयाबियो को देखते हुए अनुमान लगाया जा सकता है कि आने वाले दिनो में वह अमरिकी टूर के लिए भी क्वॉलिफाई करेंगी और साल 2017 इनके लिए विशेष होगा.

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