मोहाली में 'सर' रवींद्र जडेजा का चला जादू

इंग्लैंड पहली पारी: 283, भारत पहली पारी: 417

इंग्लैंड दूसरी पारी: 236, भारत दूसरी पारी: 104/2

परिणाम: भारत आठ विकेट से जीता

पाँच टेस्ट मैचों की सिरीज़ में भारत 2-0 से आगे

मोहाली टेस्ट में भारत ने इंग्लैंड को आठ विकेट से हरा दिया है. भारत को दूसरी पारी में जीत के लिए 103 रनों की ज़रूरत थी, जो उन्होंन दो विकेट के नुक़सान पर बना लिए.

भारत की जीत के हीरो रहे हैं रवींद्र जडेजा, जिन्होंने न सिर्फ़ बल्ले से बल्कि गेंद से भी कमाल दिखाया है.

इंग्लैंड की पहली पारी में रवींद्र जडेजा ने दो विकेट लिए और भारत की पहली पारी में सर्वाधिक 90 रन बनाए.

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पिछले कुछ समय से अपने प्रदर्शन को लेकर जूझ रहे रवींद्र जडेजा के लिए मोहाली टेस्ट काफ़ी राहत देने वाला साबित हुआ है.

इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पहले दो टेस्ट मैचों में जडेजा ने छह विकेट तो लिए लेकिन बल्ले से वे कोई ख़ास कमाल नहीं कर पाए.

पहले टेस्ट में उन्होंने दोनों पारियों में कुल 44 रन बनाए थे, जबकि दूसरे टेस्ट में उन्होंने सिर्फ़ 14 रन ही बनाए थे.

रवींद्र जडेजा का जन्म 6 दिसंबर 1988 को हुआ था. 2006 के विश्व कप में वे अंडर-19 टीम का हिस्सा थे, जो पाकिस्तान से हार गई थी.

लेकिन 2008 में टीम चैम्पियन बनी और जडेजा ने पूरी प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन किया.

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2008 में ही जडेजा को पहले आईपीएल के दौरान राजस्थान रॉयल्स की टीम में जगह मिली और जडेजा ने यहाँ अच्छा प्रदर्शन किया.

राजस्थान रॉयल्स ने पहले आईपीएल का ख़िताब भी जीता. घरेलू क्रिकेट में भी वे बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे थे.

इसी कारण उन्हें 2009 में भारतीय वनडे टीम का हिस्सा बनने का मौक़ा मिला.

23 टेस्ट और 126 एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके रवींद्र जडेजा का भारतीय टीम में चयन एक ऑल राउंडर के रूप में हुआ था.

लेकिन जब 2012-13 में उन्हें टेस्ट टीम में जगह मिली, तो इस पर काफ़ी सवाल भी उठे.

लेकिन ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ में उन्होंने माइकल क्लार्क को छह पारियों में पाँच बार आउट करके सबका दिल जीत लिया.

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मैदान के बाहर वे सर रवींद्र जडेजा के रूप में चर्चित हैं. एक दिवसीय क्रिकेट में अपनी फ़ील्डिंग, गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी के कारण वे टीम के लिए काफ़ी उपयोगी भी साबित हुए हैं.

टी-20 में तो उनकी अहमियत और भी बढ़ी और आईपीएल में वे टॉप महंगे खिलाड़ियों में से थे. वर्ष 2013 में वे आईसीसी की वनडे में गेंदबाज़ी रैंकिंग में शीर्ष पर पहुँच गए थे.

आईपीएल में जब वे राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते थे, उस समय टीम के कप्तान रहे शेन वॉर्न उन्हें रॉक स्टार कहा करते थे, क्योंकि वे बिना थके फील्ड पर अपना दमखम दिखाने का माद्दा रखते थे.

2013-14 में दक्षिण अफ़्रीका और न्यूज़ीलैंड के दौरे पर जब आर अश्विन ख़राब फ़ॉर्म से जूझ रहे थे, उस समय रवींद्र जडेजा टीम के शीर्ष स्पिनर बन गए थे.

मैदान के बाहर और अंदर जडेजा कई बार विवादों से भी घिरे हैं. 2010 में आईपीएल के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने के कारण उन पर आईपीएल खेलने के लिए एक साल की पाबंदी लगी थी.

एक बार मैदान पर ही वे टीम के साथी खिलाड़ी सुरेश रैना से उलझ गए थे, तो जेम्स एंडरसन से भी उनकी तनातनी मैदान पर हो चुकी है.

लेकिन कई बार ख़राब दौर के बावजूद गेंद और बल्ले से अपने प्रदर्शन के साथ-साथ बेहतरीन फील्डिंग के कारण वे बार-बार टीम में वापसी भी करते हैं.

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