क्या सिरीज़ का रोमांच बचा पाएगा इंग्लैंड?

इमेज कॉपीरइट Reuters
Image caption विराट कोहली

भारत और इंग्लैंड के बीच गुरुवार से मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में मौजूदा पांच टेस्ट मैच की सिरीज़ का चौथा टेस्ट मैच खेला जाएगा.

दो टेस्ट मैच जीतकर भारत ने पहले ही अजेय बढ़त हासिल कर ली है.

ऐसे में जहां भारत एक और जीत के साथ सिरीज़ अपने नाम करना चाहेगा, वहीं इंग्लैंड हर हाल में इस मैच को जीतकर सिरीज़ में वापसी की कोशिश करेगा.

इसी बीच भारत के अजिंक्य रहाणे उंगली में चोट के कारण चौथे और पांचवे टेस्ट मैच से बाहर हो गए हैं.

इमेज कॉपीरइट AP
Image caption अजिंक्य रहाणे

उनकी जगह मनीष पांडेय को और शर्दुल ठाकुर को चोटिल मोहम्मद शमी की जगह टीम में बैकअप के तौर पर रखा गया है.

बुधवार को टीम के कप्तान विराट कोहली ने कहा कि टीम में कौन शामिल होगा इसका फ़ैसला मैच से पहले ही किया जाएगा.

उन्होंने कहा कि वह किसी खिलाडी पर दबाव डालकर और मैच में उतार कर उसे पूरी सीज़न के लिए बाहर नही कर सकते.

मोहम्मद शमी ने पिछले मैच में पांच विकेट लेकर इंग्लैंड को करारे झटके दिए थे.

इमेज कॉपीरइट AFP
Image caption मोहम्मद शमी

विराट कोहली ने यह भी कहा कि केएल राहुल अब पूरी तरह फिट हैं.

ऐसे में तीसरे टेस्ट मैच में मुरली विजय के साथ सलामी बल्लेबाज़ की भूमिका निभाने वाले पार्थिव पटेल निचले क्रम पर बल्लेबाज़ी कर सकते हैं.

मोहम्मद शमी की जगह टीम में भुवनेश्वर कुमार को शामिल किया जा सकता है.

वैसे पार्थिव पटेल ने तीसरे टेस्ट मैच में सलामी बल्लेबाज़ की भूमिका बखूबी निभाते हुए पहली पारी में 42 और दूसरी पारी में नाबाद 67 रन बनाए थे.

बल्लेबाज़ी में भारत के कप्तान विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा ने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की नाक में दम कर रखा है.

इमेज कॉपीरइट Pti
Image caption चेतेश्वर पुजारा

इसके अलावा आर अश्विन, रविंद्र जडेजा और जयंत यादव ने भी निचले क्रम पर आकर बेहतरीन बल्लेबाज़ी कर इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की समस्या बढ़ा दी है.

दूसरी तरफ इंग्लैंड लगातार दो टेस्ट मैच हारकर बेहद दबाव में है.

ख़ुद कप्तान एलिस्टेयर कुक वैसा नही खेल पाए है जैसा वह पिछले दौरे पर खेले थे.

जो रूट और जोस बटलर के अलावा विकेटकीपर बल्लेबाज़ जॉनी बेयरस्टो ने कुछ अच्छी बल्लेबाज़ी की है, लेकिन भारतीय स्पिनर महत्वपूर्ण अवसर पर उनका शिकार करने में कामयाब रहे हैं.

इंग्लैंड की टीम ने मानसिक दबाव हटाने के लिए पिछले कुछ दिन दुबई में भी बिताए, लेकिन मैदान पर तो उन्हें ही खेलना होगा.

भारतीय गेंदबाज़ों के ख़िलाफ उनका बेहद रक्षात्मक रुख ख़ुद उन पर भारी पडा.

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption एलिस्टेयर कुक

इसके अलावा इंग्लैंड के स्पिनर भारतीय बल्लेबाज़ों पर वैसा प्रभाव नहीं छो़ड़ पाए जैसी उनसे उम्मीद थी.

अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ जेम्स एंडरसन में भी पुराना दमख़म नहीं दिखा.

रही बात मुंबई की तो साल 2012 में इंग्लैंड ने इसी मैदान में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में चौथे ही दिन 10 विकेट से मात देकर चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ में 1-1 से बराबरी हासिल की थी.

लेकिन तब उनके पास केविन पीटरसन जैसा चमत्कारिक बल्लेबाज़ और मोंटी पानेसर तथा ग्रीम स्वान जैसे स्पिनर थे.

उस जोड़ी ने 19 विकेट लेकर और पीटरसन ने दूसरी पारी में 186 रन बनाकर जैसे इतिहास ही रच दिया था.

फिलहाल तो नज़रें इस बात पर होगी कि क्या इंग्लैंड मुंबई टेस्ट जीतकर सिरीज़ का रोमांच बचाए रख पाता है या नही.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे