'नौ नंबरी' जयंत यादव की टेस्ट में सेंचुरी

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Image caption जयंत यादव ने अपना पहला वनडे न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ खेला था

जयंत यादव का नाम क्रिकेट के अधिकतर दीवानों ने शायद उनकी गेंदबाज़ी के लिए ही सुना था. लेकिन हरियाणा के इस क्रिकेटर ने अपनी पहली ही टेस्ट सिरीज़ में जिस तरह की परिपक्वता दिखाई है, वो हैरान करने वाली है.

मुंबई में इंग्लैंड के ख़िलाफ़ उन्हें बल्लेबाज़ी करते हुए देखकर कभी नहीं लगा कि नौवें नंबर का खिलाड़ी बल्लेबाज़ी कर रहा है.

उन्होंने न केवल कप्तान विराट कोहली के साथ रिकॉर्ड साझेदारी की, बल्कि नौवें नंबर पर शतक बनाने वाले पहले पहले भारतीय बल्लेबाज़ भी बने.

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इससे पहले, मोहाली टेस्‍ट में जयंत ने अपने करियर का पहला अर्धशतक बनाया था और चार विकेट भी हासिल किए थे.

विशाखापट्टनम में अपने डेब्‍यू टेस्‍ट में भी उनका बल्‍ले और गेंद से प्रदर्शन शानदार रहा था. इस मैच में जहां उन्‍होंने 35 और 27 नाबाद रन बनाए थे, वहीं गेंदबाजी में भी कुल चार विकेट (पहली पारी में एक, दूसरी पारी में तीन) चटकाए थे.

26 साल के जयंत को विशाखापट्टनम में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ पाँचवें वनडे में टीम में जगह मिली थी. उन्हें इस मैच में एक विकेट भी मिला.

ऑफ़ स्पिन गेंदबाज़ी के अलावा जयंत लोअर ऑर्डर में अच्छी बल्लेबाज़ी भी कर लेते हैं. वर्ष 2011 में 21 साल की उम्र में जयंत ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट का पहला मैच खेला था.

उस मैच में उन्होंने छह विकेट भी लिए थे. उनके इस प्रदर्शन के कारण उनकी टीम हरियाणा को गुजरात के ख़िलाफ़ बड़ी जीत मिली थी.

एक साल बाद उनकी बैटिंग पर क्रिकेट पंडितों की नज़र उस समय गई, जब उन्होंने कर्नाटक के ख़िलाफ़ मैच में 211 रनों की पारी खेली. उसी मैच में उन्होंने अमित मिश्रा के साथ आठवें विकेट के लिए 392 रनों की रिकॉर्डतोड़ साझेदारी भी की.

रणजी में उनका बेस्ट सीजन 2014-15 में उस समय आया, जब उन्होंने हरियाणा की ओर से सबसे ज़्यादा 33 विकेट लिए. इसी वजह से उन्हें दक्षिण अफ़्रीका-ए और बांग्लादेश-ए के ख़िलाफ़ मैच के लिए भारत-ए की टीम में जगह मिली.

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2015-16 के रणजी सीज़न की शुरुआत में उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट का अपना दूसरा शतक लगाया. उन्होंने इस दौरान वीरेंदर सहवाग के साथ अच्छी साझेदारी की.

वर्ष 2015 में इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में उन्हें दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम ने साइन किया. उस साल उन्होंने पहले आईपीएल सीज़न में सिर्फ़ तीन मैच खेले.

दिल्ली में वर्ष 1990 में जन्मे जयंत यादव की माँ लक्ष्मी का निधन 17 साल पहले एक विमान दुर्घटना में हो गया था. उसके बाद ज्योति यादव ने उन्हें पाल-पोसकर बड़ा किया.

विशाखापट्टनम वनडे में जब पूरी भारतीय टीम अपने मां के नाम की जर्सी पहनकर मैदान में उतरी, तो जयंत ने भी अपनी मां के नाम वाली जर्सी पहनी थी.

लेकिन मैच के बाद उन्होंने कहा था कि वे चाहते थे कि उनकी दोनों मां के नाम जर्सी पर आते.

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