पीएसएल का फ़ाइनल क्या बदल पाएगा पाकिस्तान की छवि?

गद्दाफ़ी स्टेडियम के बाहर तैनात पाक रेंजर्स इमेज कॉपीरइट EPA

थोड़ी देर बाद लाहौर के गद्दाफ़ी स्टेडियम में पाकिस्तान सुपर लीग का फ़ाइनल मुक़ाबला शुरू हो जाएगा.

क़्वेटा ग्लैडिएटर्स और पेशावर ज़ाल्मी के बीच होने वाले इस मैच की ओर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं और इसकी वजह है पाकिस्तान में कई वर्षों के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों का खेलना.

इमेज कॉपीरइट AP

सरकार पाकिस्तान सुपर लीग का फ़ाइनल मैच देश में कराने को लेकर दुविधा में थी.

इसकी वजह बीते महीने हुए चरमपंथी हमले हैं, जिनमें 130 लोग मारे गए थे. लाहौर में भी बम धमाके हुए थे, जिनमें कम से कम 13 लोगों की मौत हुई थी.

पाक क्रिकेट में महफ़िल सजने से पहले स्यापा हो गया

पाकिस्तान क्रिकेट: शरजील ख़ान और ख़ालिद लतीफ़ पर आरोप तय

पाकिस्तानी क्रिकेटर महिंदर सिंह वहां के टॉप 30 में शामिल

इमेज कॉपीरइट AFP

कई साल बाद पाकिस्तान में कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी खेलेंगे. इसलिए सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम किए गए हैं.

स्टेडियम और आसपास के इलाक़े की सुरक्षा में 10,000 जवानों को तैनात किया गया है. पाकिस्तान सेना, अर्द्धसैनिक बल पाकिस्तान रेंजर्स और पंजाब राज्य की पुलिस ने सुरक्षा के किए हैं.

जहां यह फ़ाइनल मैच खेला जाना है, उस गद्दाफ़ी स्टेडियम के नज़दीक बने नेशनल हॉकी स्टेडियम में आपात स्थिति से निपटने के लिए 25 बिस्तरों का एक अस्थाई अस्पताल बनाया गया है.

खिलाड़ियों को होटल से स्टेडियम तक लाने और वहां से वापस ले जाने के लिए विशेष बुलेट प्रूफ़ बसें तैयार हैं. प्रशिक्षित कुत्ते भी तैनात कर दिए गए हैं.

इमेज कॉपीरइट EPA

अख़बार डेली टाइम्स का कहना है कि "पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की कोशिश इस टूर्नामेंट के ज़रिए हाई प्रोफ़ाइल विदेशी खिलाड़ियों को पाकिस्तान लाना है".

अख़बार लिखता है, "आज होने वाले मैच की सुरक्षा को लेकर चिंता की वजह मार्च 2009 में श्रीलंका के साथ इसी लाहौर में हुए मैच के दौरान होने वाला हमला है."

इमेज कॉपीरइट Getty Images

पाकिस्तान में पिछला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच 2009 में हुआ था. लाहौर में हुए इस मैच के दौरान श्रीलंका के खिलाड़ियों को लेकर जा रही बस पर चरमपंथियों ने हमला कर दिया था.

छह खिलाड़ी ज़ख़्मी हो गए थे. इसके अलावा सुरक्षा बलों के छह जवान और दो नागरिक मारे गए थे. मैच रद्द कर दिया गया था.

इमेज कॉपीरइट AFP

इसके बाद साल 2015 में जिम्बॉब्वे की टीम मैच खेलने पाकिस्तान गई थी. स्टेडियम के नज़दीक हुए आत्मघाती हमले में सुरक्षा बल के दो जवान मारे गए थे.

उसके बाद से अब तक पाकिस्तान में कोई अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं हुआ है.

अंग्रेज़ी अख़बार डॉन ने लिखा है, "पीएसएल के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत को एक बार यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि पाकिस्तान में खेल के लिए सुरक्षित माहौल है."

पाकिस्तान में ट्विटर पर #PslFinalLahore सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहा है.

क्रिकेट प्रेमी सरकार के 'ऐतिहासिक' फ़ैसले की तारीफ़ कर रहे हैं और मैच के शांति से निपटने की दुआ कर रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

इरम अहम ख़ान (@Iram_Ahmad_Khan ) लिखती हैं, "सब कुछ ठीक होने जा रहा है, इंशा अल्लाह. लॉन्ग लिव पाकिस्तान!."

वकास अहमद (Waqas_amjad) ने ट्वीट किया, "आख़िरकार वह दिन आ ही गया. ईद की तरह उत्सव का माहौल हर जगह है. अल्लाह इसे सुरक्षित रखें!."

सादिया बुख़ारी (@SaadiaBukhari) ने ट्वीट किया, "आज कोई मतभेद नहीं. खिलाड़ियों और जनता को शुभकामनाएं!."

उस्मान समीउद्दीन (@OsmanSamiuddin) ने लिखा, "पीएसएल का फ़ाइनल लाहौर में कराने पर आपके विचार कुछ भी हों, यह बड़ा और महत्वपूर्ण दिन है. आगे बढ़ो लाहौर!."

(बीबीसी मॉनिटरिंग दुनिया भर के टीवी, रेडियो, वेब और प्रिंट माध्यमों में प्रकाशित होने वाली ख़बरों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण करता है. आप बीबीसी मॉनिटरिंग की ख़बरें ट्विटर और फेसबुक पर भी पढ़ सकते हैं.)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे