जब कोहली बोले रेनशॉ से, बल्ला छोड़ और टॉयलेट भाग जा

विराट कोहली, क्रिकेट, टीम इंडिया इमेज कॉपीरइट AFP/Getty Images

बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले जा रहे टेस्ट मैच के दूसरे दिन ना केवल गेंद और बल्ले के बीच दिलचस्प और तगड़ा खेल देखने को मिला, बल्कि खिलाड़ियों के मिज़ाज का भी इम्तिहान रहा.

एक तरफ़ जहां भारत के तेज़ गेंदबाज़ ईशांत शर्मा और ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव स्मिथ के बीच ऐसी जंग चल रही थी जिसे स्टेडियम और घर बैठे दर्शकों ने साफ़ देखा.

दूसरी ओर कप्तान विराट कोहली और कंगारू टीम के सलामी बल्लेबाज़ मैट रेनशॉ के बीच ऐसा युद्ध था जिसके बारे में देखने वालों को नहीं पता चला.

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ईशांत की शानदार गेंदबाज़ी का सामना स्मिथ अपने अजीबोग़रीब स्टांस और गेंद छोड़ने के बाद असामान्य एक्शन से कर रहे थे तो भारतीय गेंदबाज़ ने उन्हें चिढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

मैदान पर कोहली

दूसरी तरफ़ कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज़ रेनशॉ का ध्यान तोड़ने के लिए बॉल के अलावा ज़बान से भी काम लिया.

कोहली पहले ओवरों के बीच में समकक्ष स्मिथ से भिड़ रहे थे और फिर उनके निशाने पर रेनशॉ आए. वो रेनशॉ को टॉयलेट जाने के लिए कह रहे थे.

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दरअसल, पुणे में खेले गए पहले टेस्ट मैच के दौरान रेनशॉ को टॉयलेट जाने के लिए ब्रेक लेना पड़ा था. वो रिटायर हुए और कुछ वक़्त बाद मैदान में लौटे थे. इस घटना का ख़ूब मज़ाक बनाया गया था.

और बैंगलुरू में भी इस तंज़ ने रेनशॉ का पीछा नहीं छोड़ा. मैदान पर कोहली और उनके बीच क्या बातचीत हो रही थी, इस बारे में पूछने पर रेनशॉ खुलकर बोले.

उन्होंने बताया, ''वो (कोहली) जो कुछ कह रहे थे, मैं उसका मज़ा लेने और उस पर हंसने की कोशिश कर रहा था क्योंकि जो कुछ उन्होंने कहा, उनमें से कुछ बातें वाकई मज़ेदार थीं.''

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उन्होंने बताया, ''वो मुझे मैदान से भाग जाने और टॉयलेट जाने की याद दिला रहे थे, जैसा पुणे में हुआ था और मुझे इन सबमें काफ़ी मज़ा आ रहा था.''

दोनों टीमों के कप्तानों के बीच तल्ख़ी के बारे में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ ने कहा कि दोनों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन मुझे लगता है कि इसकी वजह दोनों एक-दूसरे को भड़काने और भावनात्मक जीत हासिल करने की कोशिश कर रहे थे.

और रेनशॉ मुस्कराते रहे

कोहली की स्लेज़िंग से निपटने के लिए रेनशॉ ने चुप्पी और मुस्कुराहट को हथियार बनाया. उन्होंने कहा, ''सारी कहानी अलग तरह के माहौल में टिकना और चुनौतियों का सामना करने से जुड़ी है.''

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उन्होंने कहा, ''मैदान में बढ़िया मुकाबला चल रहा था. उस वक़्त काफ़ी शोर बढ़ गया था जब कोहली ने दर्शकों को चिल्लाने के लिए कहा और मुझे इस सब की आदत नहीं है.''

रेनशॉ के मुताबिक, ''मैं ज़्यादा कुछ कहने की कोशिश नहीं करता. सिर्फ़ मुस्कराता हूं क्योंकि इससे गेंदबाज़ों से कुछ कहने से कहीं ज़्यादा असर होता है. वो झल्लाते हैं और मुझे और मज़ा आता है.''

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