क्या रांची में मैच नहीं रण होगा?

  • 12 मार्च 2017
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Image caption विराट कोहली

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ का तीसरा टेस्ट मैच गुरूवार से रांची में खेला जाएगा.

इससे पहले बेंगलुरू में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच को भारत ने 75 रनों से अपने नाम किया.

लेकिन उस मैच के दौरान बहुत कुछ ऐसा हुआ जिसके बाद लगता है कि रांची में मैच नहीं रण होगा.

इसकी आहट शायद भारत के पूर्व कप्तान कपिल देव को सुनाई दी है, जिसके बाद उन्होंने कहा कि दोनो कप्तान विराट कोहली और स्टीवन स्मिथ मैदान में आक्रामकता तो दिखाएं लेकिन अपनी सीमा में रहें.

Image caption कपिल देव

कपिल देव ने ग्रेटर नोएडा में एक गोल्फ टूर्नामेंट में हिस्सा लेते हुए ऐसा कहा.

उनका यह भी कहना था कि विश्व क्रिकेट के बारे में सोचना चाहिए. दोनों टीमों को अब विवाद छोड़ रांची टेस्ट पर ध्यान देना चाहिए.

इसे लेकर क्रिकेट समीक्षक अयाज़ मेमन का मानना है कि क्रिकेट एक परंपरा है, संस्कृति है, इसे वैसे ही रहना चाहिए.

मैदान पर कई बार खराब चीज़ें होती है लेकिन उसका अर्थ यह नही है कि बातचीत ही ना हो.

इससे विवादों पर अधिक चर्चा होती है खेल पर कम.

वही कपिल देव ने यह भी कहा कि विराट कोहली मे आक्रामकता है जो होनी भी चाहिए.

यदि वह शांत हो गए तो विपक्षी उन पर हावी हो जाएंगे. अब इसका क्या अर्थ है.

इस सवाल के जवाब में अयाज़ मेमन कहते है कि दोनों बाते नही हो सकती. विराट को आक्रामकता छोडनी भी नहीं चाहिए. लेकिन यह सब नियंत्रण में हो, हद से अधिक ना बढ़े.

यह प्रदर्शन और खेल दोनों के लिए बेहतर है.

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Image caption सुनील गावस्कर

इसी लड़ाई में भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर भी शामिल हो गए है.

उन्होंने कहा है कि अब वह चाहेंगे कि तीसरे टेस्ट मैच में आउट होने के बाद विराट कोहली डीआरएस लेने के लिए भारतीय ड्रेसिंग रूम की तरफ देखे.

इसके बाद देखते हैं कि तब मैच रेफरी और आईसीसी क्या फ़ैसला करते है.

इसे लेकर अयाज़ मेमन का मानना है कि वह सुनील गावस्कर की बात से सहमत है.

मैच रेफरी क्रिस ब्रॉड ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीवन स्मिथ की बात को बेहद नरमी से लिया.

भले ही किसी खिलाड़ी के मन में बेईमानी ना हो लेकिन क़ानून कहता है कि आप डीआरएस के लिए पैवेलियन की तरफ नहीं देख सकते. ग़लती सबसे होती है लेकिन उसका कोई अंजाम ना हो ऐसा नहीं होता.

अयाज़ यह भी मानते है कि बीसीसीआई ने पहले जो शिकायत की और बाद में उसे वापस ले लिया वह सही था क्योंकि इस घटना के बाद ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड के सीईओ ख़ुद भारत आ गए थे ताकि यह मामला तूल ना पकडे.

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Image caption स्टीवन स्मिथ

लेकिन अयाज़ यह भी मानते है कि आईसीसी को एक चेतावनी स्टीवन स्मिथ को देनी चाहिए थी.

साथ ही यह भी कहना चाहिए था कि अगर दूसरी बार ऐसा हुआ तो या तो ज़ुर्माना लगेगा या फिर मैच खेलने पर रोक लगेगी.

यह केवल स्मिथ के लिए नही बल्कि हर खिलाड़ी के लिए एक इशारा होता.

इन दिनो न्यूज़ीलैंड और दक्षिण अफ्रीका तथा बांग्लादेश और श्रीलंका के बीच टेस्ट सिरीज़ खेली जा रही है.

अगर वहां पर भी खिलाड़ी ड्रेसिंग रूप की तरफ देखेंगे तो आईसीसी क्या करेगा.

अगर आईसीसी कुछ कहेगा तो खिलाड़ी कहेगा कि आपने स्टीवन स्मिथ के साथ तो कुछ नहीं किया.

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Image caption इशांत शर्मा

अयाज़ मेमन साफ़-साफ़ मानते है कि बेंगलुरु में इतना कुछ होने के बाद रांची में मैच में शांति कैसे हो सकती है. इशांत शर्मा ने मुंह बनाकर स्मिथ को चिढ़ाया जिसकी चर्चा हुई. ऐसा भी नहीं होना चाहिए था. लोग इशांत को गेंदबाज़ी के लिए याद रखे ना कि मुंह बनाने के लिए. ऐसा भी सुना जा रहा है कि मैच से पहले विराट कोहली और स्टीवन स्मिथ आपस में बात करेंगे लेकिन लगता नहीं है कि जब दोनों टीमें मैदान में उतरेंगी तो उनकी आक्रामता या पैनेपन में कोई कमी आएगी.

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