जोहाना कोंटा की नज़र नंबर वन पर

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अपने करियर का सबसे बड़ा टाइटल मयामी ओपन जीतने के बाद ब्रिटेन की टेनिस खिलाड़ी जोहाना कोंटा की विश्व की नंबर खिलाड़ी बनने पर नज़र है.

25 वर्षीय ब्रिटेन की नंबर एक खिलाड़ी ने डेनमार्क की टेनिस स्टार कैरोलिना वोज़नियाकी को फ़ाइनल में 6-4, 6-3 से हराकर क़रीब साढ़े 9 लाख यूरो की पुरस्कार राशि जीती है.

जून 2015 में कोंटा विश्व रैंकिंग में 146वें नंबर पर थीं. लेकिन उनका मानना है कि एक ग्रैंड स्लैम ख़िताब जीतने से तरक्की के रास्ते खुल जाते हैं.

कोंटा कहती हैं '' मुझे इस बात पर तबसे भरोसा था जब मैं एक छोटी बच्ची थी.''

कोंटा का कहना है '' मैं दुनिया की सबसे बेहतरीन खिलाड़ी बनना चाहती हूं, लेकिन अभी बहुत कुछ करना है. मैं समझदारी और शांति से टेनिस खेलती हूं. मैं समय लेती हूं. काग़ज़ों पर ये अचानक होने वाला बदलाव लग रहा है, लेकिन ये लंबे समय से हो रहा था. "

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पूर्व टेनिस खिलाड़ी और टेनिस स्टार एंडी मरे की मां जूडी मरे ने कोंटा के लिए पहले कहा था कि ये बदलाव ़फरवरी 2015 में बेलारूस से भारी हार के बाद शुरू हुआ.

तब मरे ने कोंटा के बेहद ख़राब प्रदर्शन की चिंता को उनकी भयानक हार का कारण बताया था.

लेकिन अब इस शालीन खेल के भारी दबाव को संभालने का उनका कौशल ही उनकी पूंजी है.

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कोंटा ने इसके लिए अपने पूर्व मेंटल कोच जुआन कोटो को इसका श्रेय दिया. कोटो की दिसंबर में मौत हो गई.

बीबीसी रेडियो 5 से बात करते हुए कोंटे ने अपने कोच की मौत पर कहा '' आज मैं जो भी करती हूं वो उसका हिस्सा होंगे. उन्होंने मेरे खेल और जीवन को संवारने के लिए असाधारण चीज़ें दी हैं. वो अब भी मेरे सफ़र का हिस्सा हैं.''

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