'फ़ाइनल में धोनी से मुक़ाबले को भिड़ती हैं टीमें'

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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का फ़ाइनल मुक़ाबला रविवार को मुंबई इंडियन्स और राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स के बीच हैदराबाद में खेला जाएगा.

मुंबई इंडियन्स के पास दो बार ट्रॉफी जीतने का अनुभव है. वहीं पुणे की टीम पहली बार ट्रॉफी पर कब्ज़ा करने के इरादे में हैं.

अनुभवी महेंद्र सिंह धोनी की मौजूदगी पुणे टीम के समर्थकों का जोश बढ़ा रही है. धोनी आईपीएल के 10 सीजन में सातवीं बार फ़ाइनल खेलने उतरेंगे.

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इसे लेकर सोशल मीडिया पर भी उत्साह नज़र आ रहा है.

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पूर्व क्रिकेटर रवि शास्त्री ने ट्विटर पर लिखा, "आईपीएल के एक दशक में सात फाइनल. ये है स्टाइल में फिनिश करना. आईपीएल के अल्टीमेट बॉस @msdhoni "

धोनी ने अपनी कप्तानी में साल 2010 और 2011 में चेन्नई सुपरकिंग्स को ट्रॉफी दिलाई थी. 2010 में उन्होंने ये कामयाबी मुंबई इंडियन्स के खिलाफ ही हासिल की थी.

मुंबई के खिलाफ प्लेऑफ स्टेज में धोनी का प्रदर्शन भी शानदार रहा है. उन्होंने नॉकआउट मैचों में मुंबई के खिलाफ 64.66 के औसत से रन बनाए हैं.

मुंबई के खिलाफ क्वालीफायर मुक़ाबले में धोनी ने पांच छक्कों की मदद से 40 रन बनाकर जीत का आधार तैयार किया था.

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रविंद्र जडेजा के नाम से चल रहे पैरोडी अकाउंट @SirJadeja ने एक ट्वीट में आईपीएल में धोनी की धमक को बयान करते हुए लिखा, "आईपीएल एक ऐसा टूर्नामेंट है जहां टीमें एमएस धोनी से फ़ाइनल में भिड़ने के लिए मुक़ाबला करती हैं. "

हालांकि, पुणे सिर्फ धोनी के ही भरोसे नहीं है. कप्तान स्टीव स्मिथ टूर्नामेंट में टीम के सबसे कामयाब बल्लेबाज़ हैं. राहुल त्रिपाठी और मनोज तिवारी का बल्ला भी बोल रहा है और अजिंक्य रहाणे भी रंग में आ चुके हैं.

गेंदबाजी में जयदेव उनदकट भी विरोधी बल्लेबाज़ों के लिए परेशानी बने हुए हैं.

मौजूदा सीजन में दोनों टीमों के बीच तीन बार मुक़ाबला हुआ है और हर बार पुणे ने मुंबई इंडियन्स पर जीत दर्ज़ की है.

लेकिन, मुंबई के समर्थकों को भरोसा है कि फाइनल में नतीजा बदल सकता है.

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तरुण नाम के एक ट्विटर यूज़र ने उम्मीद जताई है कि मुंबई की टीम बीते तीन मैचों का बदला ले सकती है.

कोलकाता नाइट राइडर्स के ख़िलाफ मुंबई के गेंदबाज़ों कर्ण शर्मा और जसप्रीत बुमराह का प्रदर्शन इस उम्मीद की बड़ी वजह नज़र आता है.

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लेकिन, फिक्र की वजह बल्लेबाजी का मोर्चा है. मुंबई के कप्तान रोहित शर्मा और तेज़ तर्रार बल्लेबाज़ केरोन पोलार्ड का बल्ला इस सीजन में उम्मीद के मुताबिक नहीं बोला है.

पार्थिव पटेल टीम के सबसे कामयाब बल्लेबाज़ हैं लेकिन पुणे के खिलाफ़ क्वालीफायर मुक़ाबले का नतीजा बताता है कि सिर्फ उनके भरोसे मुंबई टीम जीत की उम्मीद नहीं लगा सकती है. फैन्स यही सोचकर कप्तान रोहित शर्मा का हौसला बढ़ा रहे हैं.

'मैदान में धोनी हों, तो आप उनके सपोर्टर बन जाते हैं'

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