2011 वर्ल्ड कप फ़ाइनल में रणतुंगा के फ़िक्सिंग के आरोपों पर गंभीर, नेहरा का पलटवार

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Image caption क्रिकेट कप्तान से राजनेता बने रणतुंगा श्रीलंका की सरकार में मंत्री रह चुके हैं

श्रीलंकाई क्रिकेट दिग्गज अर्जुन रणतुंगा ने 2011 वर्ल्ड कप के फ़ाइनल मुक़ाबले के फ़िक्स होने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है. हालांकि भारतीय टीम के तब के कुछ सदस्यों ने रणतुंगा के इस मांग को "अपमानजनक" बताया जो उनके प्रदर्शन को कमतर साबित करता है.

रणतुंगा के आरोप

53 वर्षीय पूर्व कप्तान रणतुंगा ने अपने फ़ेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि वो मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए 2011 वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में भारत के ख़िलाफ़ 6 विकेट से हारने पर बेहद हैरान थे.

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अपने फ़ेसबुक वीडियो में रणतुंगा ने कहा, "मैं उस वक़्त भारत में कमेंट्री कर रहा था. जब हम हारे, मुझे दुख हुआ और साथ ही संदेह भी."

उन्होंने कहा, "2011 वर्ल्ड कप फ़ाइनल में श्रीलंका के साथ क्या हुआ इसकी हमें जांच करनी चाहिए. मैं सब कुछ अभी उजागर नहीं करूंगा लेकिन एक दिन ज़रूर बताउंगा. जांच ज़रूर होनी चाहिए."

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Image caption टीम के सदस्य आशीष नेहरा फ़ाइनल में नहीं खेल सके थे

भड़के गंभीर, नेहरा

फ़ाइनल में सर्वाधिक 97 रनों की पारी खेलने वाले टीम इंडिया के ओपनर गौतम गंभीर ने रणतुंगा से सबूत की मांग की. उन्होंने कहा, "अर्जुन रणतुंगा के आरोपों से मैं आश्चर्यचकित हूं. ये अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की एक बहुत सम्मानजनक आवाज़ में बेहद गंभीर टिप्पणी है. मुझे लगता है उन्हें सबूत के साथ अपने दावे को साफ़ करना चाहिए."

2011 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का हिस्सा रहे आशीष नेहरा ने कहा है कि ऐसे बयानों को अहमियत नहीं दी जानी चाहिए.

उन्होंने कहा, "मैं रणतुंगा के बयान पर अपने विचार प्रकट नहीं करूंगा. इस तरह के बयानों का कोई अंत नहीं है. अगर मैं श्रीलंका के 1996 वर्ल्ड कप ज़ीत पर सवाल उठा दूं तो? इसलिए हमें इसमें नहीं पड़ना चाहिए. लेकिन हां, यह निराशाजनक है कि कोई उनके क़द का क्रिकेटर ऐसे सवाल खड़े करता है."

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Image caption 2011 के फ़ाइनल में धोनी के छक्के के साथ ही दूसरी बार वर्ल्ड कप जीता था भारत

क्या हुआ था फ़ाइनल में?

यह पहली बार नहीं है जब रणतुंगा ने 2011 वर्ल्ड कप फ़ाइनल पर सवाल उठाए हों. वो पहले भी यह सवाल उठाते रहे हैं कि कैसे श्रीलंकाई टीम के इतने क्रिकेटर ठीक फ़ाइनल में एक साथ चोटिल हो गए.

श्रीलंका ने फ़ाइनल में पहले खेलते हुए छह विकेट के नुकसान पर 274 रन बनाए और भारतीय पारी के दौरान सचिन तेंदुलकर के 18 रन बनाकर आउट होने तक मैच पर अपनी पूरी पकड़ बनाए रखा था लेकिन टीम इंडिया ने इसके बाद श्रीलंका की सुस्त और ख़राब बॉलिंग-फ़ील्डिंग की मदद से मैच का रूख़ पलट दिया.

स्थानीय श्रीलंकाई मीडिया ने टीम की हार पर संदेह तो जताया है, लेकिन किसी ने भी रणतुंगा के इन आरोपों पर जांच की मांग नहीं की.

रणतुंगा के प्रवक्ता ने न्यूज़ एजेंसी एएफ़पी को बताया कि वो राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरीसेना और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे से देश में क्रिकेट की दशा की शिकायत करेंगे.

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सोशल मीडिया पर भड़के समर्थक

जहां एक ओर पूर्व क्रिकेटरों ने रणतुंगा की खिंचाई की है वहीं सोशल मीडिया पर भी भारतीय समर्थकों ने उन्हें जम कर कोसा.

संजय मिश्रा ने फ़ेसबुक पर लिखा है कि ये बिना वजह बिना सबूत स्वयं को चर्चा में बनाए रखने के लिए लगाया गया आरोप है तो दानिश ने रणतुंगा से पूछा है कि क्या वो भारतीय टीम को वर्ल्ड कप जीतने के क़ाबिल नहीं समझते.

अरिंदम मित्रा ने तो 1996 में श्रीलंका के वर्ल्ड कप जीत पर ही सवाल उठा दिया और साथ ही हाल में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी में पाकिस्तान के ख़िलाफ उनकी हार पर भी सवाल खड़े किए हैं.

श्रीलंका में ठीक नहीं है क्रिकेट का हाल

अपनी सरज़मीं पर जिम्बाब्वे से पांच वनडे मैचों की सीरीज़ 2-3 से हारने के बाद श्रीलंका में क्रिकेट को लेकर प्रशासन और खिलाड़ियों के बीच मैनेजर को लेकर तनाव बढ़ गया है ख़ासकर उस एजेंट को लेकर जो कई ख़िलाड़ियों का प्रतिनिधित्व करता है.

पिछले साल ही क्रिकेट में भ्रष्टाचार की जांच कर रही समिति के साथ सहयोग नहीं करने के बाद आईसीसी ने श्रीलंका के वरिष्ठ अधिकारी जयनंदा वर्नवीरा पर तीन साल का प्रतिबंध लगाया था. पूर्व टेस्ट क्रिकेटर वर्नवीरा मैच फ़िक्सिंग के आरोपों के बाद दो साल का घरेलू प्रतिबंध भी झेल चुके हैं.

इसी तरह अक्टूबर 2015 में वेस्टइंडीज़ से हारने के लिए दो श्रीलंकाई क्रिकेटरों से संपर्क करने के बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने एक गेंदबाज़ी कोच को निलंबित और एक पार्टटाइम कर्मचारी को बर्ख़ास्त कर दिया था.

सट्टेबाज़ से जुड़े एक अनाम व्यक्ति ने तब उन दो ख़िलाड़ियों को लगभग 10 मिलियन श्रीलंकाई रुपये (40 लाख भारतीय रुपये) की पेशकश की थी.

हालांकि अब तक श्रीलंकाई क्रिकेट का कोई बड़ा नाम भ्रष्टाचार के आरोपों में कभी दोषी नहीं पाया गया है लेकिन जब जब मैदान पर कोई ख़िलाड़ी जानबूझ कर ख़राब गेंदबाज़ी और फ़ील्डिंग करता हुआ दिखता है तब तब पूर्व दिग्गज क्रिकेटर मैच फ़िक्सिंग और स्पॉट फ़िक्सिंग का आरोप लगाते रहे हैं.

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