महिला क्रिकेटर, कराटे चैंपियन और फ़्लाइट लेफ़्टिनेंट भी

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"भारतीय महिला टीम को वर्ल्ड कप के लिए न्यूज़ीलैंड जाना था. महिला खिलाड़ियों को 10 हज़ार रुपये का इंतज़ाम ख़ुद ही करना था. कुछ खिलाड़ियों के चेक महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री एंतुले ने दिए, तब जाकर हम वर्ल्ड कप में खेल सके. फ़ीस मिलती नहीं थी. हम बिना रिज़र्वेशन के रेलवे में सफ़र करते थे, कई बार ज़मीन पर सोते थे."

इस बार जब भारतीय महिला क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में पहुँची तो मुझे डायना एडुलजी का ये इंटरव्यू याद आ गया जो उन्होंने मुझे पिछले साल दिया था.

आइए नज़र डालते हैं उन खिलाड़ियों पर जिन्होंने भारत को इस बार विश्व कप के फ़ाइनल में पहुँचाया.

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मिताली राज

अच्छे लीडर के बारे में अंग्रेज़ी में एक कहावत है- "इफ़ यू आर इन कंट्रोल, दे आर इन कंट्रोल". ये कहावत भारतीय कप्तान मिताली राज पर फ़िट बैठती है.

इस पूरी प्रतियोगिता में वो बहुत ही सहज और इन-कंट्रोल दिखीं. वरना अपनी बैटिंग से ठीक पहले किताब पढ़ते आपने कितने कप्तानों को देखा होगा.

मिताली ने विश्व कप में अच्छी बैटिंग कर 'लीडिंग फ़्रॉम द फ्रंट' की मिसाल पेश की. हालांकि फ़ील्ड के बाहर वो अपने प्रैंक्स या शरारतों के लिए भी जानी जाती हैं.

क्रिकइनफ़ो को दिए एक इंटरव्यू में पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी नोशीन ने बताया था, "एक बार झूलन ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ पांच विकेट लिए. मिताली ने उन्हें लैंडलाइन पर अपने कमरे से फ़ोन किया और कहा मैं बीबीसी से हूँ. 45 मिनट का इंटरव्यू हुआ. झूलन ने घर में सबको बताया कि आज रात को मेरा इंटरव्यू आएगा. बाद में झूलन को असलियत पता चली तो दो दिन तक उन्होंने हम लोगों से बात नहीं की थी."

वर्ल्ड कप हाइलाइट

  • न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ मिताली का शतक (109)
  • वर्ल्ड कप में रन- 392 बनाकर दूसरे नंबर पर
  • वनडे में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली महिला बनीं

मिताली राज 2005 के फ़ाइनल का भी हिस्सा थीं और ये शायद उनका आख़िरी विश्व कप होगा, लेकिन भारतनाट्यम छोड़ किक्रेट अपनाने वाली मिताली के लिए ये यादगार रहेगा.

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हरमनप्रीत कौर

पंजाब का शहर मोगा यूँ तो ड्रग्स के लिए बदनाम है, लेकिन अब ये शहर 28 साल की हरमनप्रीत कौर भुल्लर के लिए जाना जाएगा. हरमन के पिता पेशे से क्लर्क हैं. उनके पास सीमित पैसे थे, लेकिन जब बेटी की बारी आई तो उन्होंने अपनी सोच को सीमित नहीं होने दिया.

विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ सेमीफ़ाइनल में 115 गेंदों पर 171 रन बनाने वाली हरमनप्रीत कौर के बारे में पिछले साल एडम गिलक्रिस्ट ने कहा था, "उनका ये शॉट उतना ही बेहतरीन था जितना एक शॉट हो सकता है."

हरमनप्रीत ख़ुद को 'प्लेस्टेशन लवर' बताती हैं और फ़्री टाइम में प्लेस्टेशन पर फ़ीफ़ा का गेम खेलती हैं.

करियर

  • वर्ल्ड कप में अब तक 308 रन,पाँच विकेट
  • वनडे- किसी एक वनडे में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाली पाँचवें नंबर की महिला खिलाड़ी (171 रन)
  • टी-20 टीम की कप्तान
  • ऑस्ट्रेलिया की बिग बैश लीग में खेलने वाली पहली खिलाड़ी

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वर्ल्ड कप में अपने पहले की मैच में पांच विकेट ले कर राजेश्वरी चर्चा में हैं

राजेश्वरी गायकवाड़

कर्नाटक में बीजापुर में जन्मी राजेश्वरी को तब अपने सपने पूरे करने का ज़रिया मिला जब उनके कॉलेज में लड़कियों की क्रिकेट टीम बन गई और वो क्रिकेट खेलना जारी रख सकी.

हालांकि उनके पिता अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन क्रिकेट में दिलचस्पी उन्हें पिता की वजह से ही हुई. वे सरकारी स्कूल में हेडमास्टर थे पर स्थानीय स्तर पर क्रिकेट खेलते थे.

वर्ल्ड कप की बात करें तो न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ मैच में राजेश्वरी ने ने 15 रन देकर पाँच विकेट लिए थे. राजेश्वरी जेवलिन और डिस्कस में भी एक्सपर्ट हैं.

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झूलन गोस्वामी

पिछले दिनों पाकिस्तान की क्रिकेट खिलाड़ी कायनात इम्तियाज़ की वो फ़ोटो ख़ूब वायरल हुई थी जिसमें उन्होंने बताया था कि बचपन में बतौर बॉल गर्ल उन्होंने 2005 के एशिया कप में भारतीय गेंदबाज़ झूलन गोस्वामी को देखा था और उनकी इतनी बड़ी फ़ैन हो गई कि क्रिकेटर बनने का फ़ैसला कर लिया.

2002 में डेब्यू करने वाली झूलन गोस्वामी डेढ़ दशक से भारतीय टीम की रीढ़ रही हैं. इस वर्ल्ड कप में भी वो भरोसेमंद शामिल हुईं- चाहे गेंदबाज़ी हो या फ़ील्डिंग. सेमीफ़ाइनल में उन्होंने दो अहम विकेट लिए.

करियर

  • 2017 विश्व कप में अब तक सात विकेट
  • वनडे में सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली महिला क्रिकेटर
  • 2007 में आईसीसी वूमन प्लेयर ऑफ़ द ईयर

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शिखा पांडे

कम ही लोग जानते हैं कि 28 साल की ऑल राउंडर क्रिकेटर शिखा पांडे दरअसल फ्लाइट लेफ़्टिनेट शिखा पांडे हैं जो इंडियन एयर फ़ोर्स से जुड़ी हैं.

गोवा में उनके पिता केंद्रीय विद्यालय में हिंदी पढ़ाते थे. क्रिकेट का शौक बचपन से था, लेकिन लेदर बॉल से पहली बार खेलना कॉलेज में हुआ.

शुरुआती दौर में क्रिकेट में सफलता नहीं मिली तो वो वायु सेना से जुड़ गई, लेकिन हौसला नहीं छोड़ा. 2014 में वे आख़िरकर भारतीय टीम में चुनी गईं. वर्ल्ड कप सेमीफ़ाइनल में उन्होंने दो अहम विकेट भी लिए.

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वेदा कृष्णमूर्ति

कर्नाटक के चिकमंगलूर के एक छोटे से कस्बे में रहने वाली 24 साल की वेदा कृष्णमूर्ति कराटे चैंपियन रही हैं. वो ब्लैक बेल्ट भी हैं, लेकिन पेशे से क्रिकेटर.

केबल ऑपरेटर का काम करने वाले वेदा के माँ-बाप ने भी उनके साथ काफ़ी संघर्ष किया है.

2011 में डर्बी में ही उन्होंने वनडे में डेब्यू किया था जहाँ वो 6 साल बाद इंग्लैंड के ख़िलाफ़ वर्ल्ड कप फाइनल खेलेंगी. इस वर्ल्ड कप में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ वेदा ने शानदार 70 रन बनाए थे.

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दीप्ति शर्मा

विश्व कप में भारत की ओर से सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाली खिलाड़ी दीप्ति शर्मा है.

सहारनपुर, उत्तर प्रदेश में जन्मी 19 साल की दीप्ति ने इस साल आयरलैंड के ख़िलाफ़ 188 रन भी ठोके थे जो वनडे में किसी महिला का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है.

दीप्ति की सफलता में उनके भाई का बड़ा रोल रहा है.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया को दिए इंटरव्यू में उनके भाई ने कहा है, "विश्व कप ख़िताब मेरे लिए रक्षा बंधन का तोहफ़ा होगा."

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एकता बिष्ट

उत्तराखंड में अलमोड़ा में रहते हुए एकता को यूनिवर्सिटी में लड़कों की टीम के साथ खेलना पड़ता था क्योंकि लड़कियों की टीम ही नहीं थी.

एकता बताती हैं कि जब वो विकेट लेती थीं तो बाकी लड़के चिढ़ाते थे कि देख लड़की की गेंद पर आउट हो गया. 31 साल की एकता ने विश्व कप में अब तक नौ विकेट लिए जिसमें पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पाँच विकेट शामिल हैं.

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पूनम यादव

आगरा की रहने वाली 25 साल की पूनम यादव का कद सिर्फ़ पांच फुट है, लेकिन अपने कारनामों से उन्होंने नई ऊँचाइयाँ छुई हैं.

2014 के टी-20 विश्व कप के बाद टीम ऑफ दी टूर्नामेंट चुनी थी और भारत से सिर्फ़ पूनम यादव का नाम था-उनकी गेंदबाज़ी के लिए.

इस बार के वर्ल्ड कप में वो नौ विकेट ले चुकी हैं.

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स्मृति मंधाना

18 जुलाई को ही भारत की स्टार बल्लेबाज़ स्मृति 21 साल की हुई हैं. पिछले कुछ दिनों से उन्होंने मैदान पर चश्मा लगाना भले ही छोड़ दिया हो, लेकिन उनका निशाना कमज़ोर नहीं हुआ है.

इस साल विश्व कप के शुरुआती मैच में स्मृति ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ 90 रन बनाए थे और वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ 106 रन. और हाँ वो अरीजित सिंह की बड़ी फ़ैन हैं.

उनकी किट में एक ख़ास बैट हमेशा रहता है जिसे वो इस्तेमाल नहीं करती- द्रविड़ का साइन किया हुआ बैट जो उनके भाई को मिला था. वो अपनी माँ की शुक्रगुज़ार हैं जिन्होंने उन्हें साइंस लेने से रोका और क्रिकेट पर ज़ोर देने को कहा.

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सुषमा वर्मा

इस साल शुरु हुए शिमला के नए नवेले क्रिकेट स्टेडियम में एक पैविलियन का नाम सुषमा वर्मा के नाम पर रखा गया है.

24 साल की सुषमा भारतीय टीम की विकेटकीपर हैं.

भारतीय टीम में खेलने वाली वो शिमला की पहली खिलाड़ी हैं. क्रिकेट से बाहर वो भारतीय टीम की सेल्फ़ी एक्सपर्ट मानी जाती हैं.

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पूनम राउत

भारत की बल्लेबाज़ 27 साल की पूनम राउत का नाम महिला वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी साझेदारी का वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है.

उन्होंने 2016 में दीप्ति शर्मा के साथ आयरलैंड के ख़िलाफ़ 320 रनों की साझेदारी की थी.

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मोना मेशराम

25 साल की मोना नागपुर से आती हैं और 2012 से टीम में खेल रही हैं. 2011 में उन्होंने बीसीसीआई का जूनियर क्रिकेटर अवॉर्ड जीता था. हालांकि उनका करियर उतार चढ़ाव वाला रहा है.

करीब 12 साल पहले 2005 में भारतीय महिला टीम ने विश्व कप के फ़ाइनल में जगह बनाई थी. तब भारत में ज़्यादा हो-हल्ला नहीं हुआ था.

भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में अब ये सिर्फ़ दूसरा मौका है जब वो विश्व कप के फ़ाइनल में पहुँची है. 2005 में भारत को फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार मिली थी. उसी ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारत की टीम वर्ल्ड कप फ़ाइनल में पहुँची है जो रविवार को इंग्लैंड के ख़िलाफ़ है.

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मानसी जोशी

उत्तराखंड में पैदा हुई 23 साल की मानसी हरियाणा के लिए खेलती हैं. मानसी ने इसी साल भारतीय टीम में डेब्यू किया है.

महिला विश्व कप में पाकिस्तान के खिल़ाफ़ मैच में मानसी ने दो विकेट लिए थे.

क्रिकेट के अलावा उन्हें किशोर कुमार के गाने बहुत पसंद हैं, वो भी राजेश खन्ना की फिल्मों से- ये बात खुद सचिन तेंदुलकर ने ट्वीट कर बताई.

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