वर्ल्ड बैडमिंटन फ़ाइनल में हारकर भी सिंधु ने रचा इतिहास

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भारत की पीवी सिंधु ने वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के फ़ाइनल में हार गई हैं. हालांकि ख़िताबी मुक़ाबले में पीवी सिंधु ने जापान की नोज़ोमी ओकुहारा के सामने आख़िरी समय तक संघर्ष दिखाया.

जापान की नोज़ोमी ओकुहारा ने एक घंटा 50 मिनट तक चले रोमांचक मुक़ाबले में 21-19, 20-22, 22-20 से जीत हासिल करने में कामयाब रहीं.

जापान की नोज़ोमी ने पहले गेम में 21-19 से जीत हासिल कर बढ़त ज़रूर बनाई लेकिन दूसरे गेम में सिंधु ने ज़ोरदार वापसी की. तीसरे गेम में भी उन्होंने संघर्ष ज़रूर दिखाया लेकिन वो इतिहास रचने से चूक गईं.

सिंधु पहली बार वर्ल्ड बैडमिंटन के फ़ाइनल में पहुंची थी, इस हार के बाद उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधु को सिल्वर मेडल जीतने पर ट्वीट के जरिए बधाई दी है.

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इससे पहले सिंधु 2013 और 2014 में वर्ल्ड बैडमिंटन में कांस्य पदक जीत चुकी हैं. 2013 में सिंधु वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदक जीतने का करिश्मा दिखाने वाली पहली महिला भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनी थीं.

पीवी सिंधु मौजूदा समय में वर्ल्ड नंबर चार खिलाड़ी हैं. बीते साल रियो ओलंपिक में पीवी सिंधु ने सिल्वर मेडल जीता था.

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