ऑस्ट्रेलिया के भारत के साथ पांच 'माइंडगेम'

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Image caption विराट कोहली

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच रविवार को पांच एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की सिरीज़ का पहला मैच चेन्नई में खेला जाएगा.

ऑस्ट्रेलियाई टीम इस साल सर्दियों में भारत में चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ 2-1 से हार चुकी है. उस सिरीज़ में खेल के अलावा और भी बहुत कुछ ऐसा हुआ जो चर्चा में रहा.

कमाल की बात है कि ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ अब उन सब बातों को भूलकर खेल भावना से खेलने की बात कह रहे है.

अब वह ख़ुद कह रहे है तो सही है लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरी दुनिया में स्लैजिंग यानी अभद्र भाषा और व्यवहार के लिए भी जानी जाती है.

दूसरी तरफ़ भारत के कोच रवि शास्त्री चेतावनी दे चुके हैं कि अगर इस बार ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों ने मुंह खोला तो भारतीय खिलाड़ी भी चुप नही रहेंगे. यहां तक कि तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद शमी ने भी कहा है कि वह स्लैजिंग का प्रयोग करेंगे.

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Image caption ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम

इतिहास गवाह है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कई बार मैच के दौरान बेहद तनाव की स्थिति बनी है. आइए, ऐसी ही कुछ घटनाओं पर डालते हैं नज़र.

1. गावस्कार बनाम डेनिस लिली

साल 1981 में भारतीय क्रिकेट टीम सुनील गावस्कर की कप्तानी में ऑस्ट्रेलियाई दौरे में मेलबर्न में तीसरा टेस्ट मैच खेल रही थी.

भारतीय टीम पहली पारी में 237 रन पर सिमट गई, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 419 रन बनाए.

182 रन से पिछड़ने के बाद भारत ने दूसरी पारी में 324 रन बनाए. लेकिन इसी दौरान जब सुनील गावस्कर 70 रन बना चुके थे तब अंपायर वाइटहैट ने उन्हे डेनिस लिली की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट दे दिया.

गावस्कर ने इसका विरोध किया और पिच पर खड़े रहे. वहीं, डेनिस लिली ने उनके पास जाकर पैड की तरफ इशारा किया कि गेंद यहां लगी है. बस बात बहस में बदल गई.

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Image caption सुनील गावस्कर

गावस्कर इतना ग़ुस्से में थे कि वह दूसरे छोर पर खड़े चेतन चौहान का हाथ पकड़कर मैदान के बाहर जाने लगे.

बाद में किसी तरह टीम के मैनेजर ग्रुप कैप्टन शाहिद अली ख़ॉ दुर्रानी लगभग दौड़ते हुए बाउंड्री लाइन के पास पहुंचे और गावस्कर को लगभग धक्का देते हुए मैदान के अंदर किया.

अगर गावस्कर चेतन चौहान के साथ बाउंड्री लाइन पार कर जाते तो उन पर शायद पांच साल का प्रतिबंध लग जाता. हालांकि, गावस्कर ने उस घटना के लिए पिछले दिनों माफ़ी भी मांगी. ख़ैर, भारत ने यह मैच 59 रन से जीता.

2. मंकीगेट कांड

ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच साल 2008 में सिडनी में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में हरभजन सिंह और एंड्रू सायमंड्स के बीच कहासुनी ऐसी बढ़ी जिसे पूरी दुनिया में मंकीगेट कांड के नाम से जाना जाता है.

इस टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 463 रन बनाए. जवाब में भारत ने पहली पारी में 532 रन बनाए.

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Image caption एंड्रयू सायमंडस

लेकिन जब एक समय सचिन तेंदुलकर और हरभजन सिंह के बीच आठवें विकेट के लिए साझेदारी चल रही थी तब हरभजन सिंह ने कई बार सचिन से कहा कि सायमंड्स उन्हें बार-बार उकसा रहे हैं.

इसी दौरान उनके एक शॉट पर तेज़ गेंदबाज़ ब्रेट ली ने हल्के से उनकी पीठ थपथपा दी.

यह सायमंड्स को बर्दाश्त नहीं हुआ. तब कुछ विवाद हुआ और उसके बाद तो एक समय बात इतनी बढ़ गई कि अंपायर मार्क बेंसन को भी हरभजन सिंह से बातचीत करनी पड़ी.

ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी उन्हें घेरकर अंजाम भुगतने की चेतावनी दे रहे थे. यहां तक कि ऑस्ट्रेलिया ने हरभजन सिंह के ख़िलाफ आधिकारिक शिकायत भी दर्ज कराई. उनका आरोप था कि हरभजन सिंह ने सायमंड्स को बंदर कहा है.

उसके बाद का क़िस्सा सभी जानते है कि कैसे हरभजन सिंह पर तीन मैच का प्रतिबंध लगा.

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Image caption सचिन तेंदुलकर

जवाब में भारत ने दौरे का बहिष्कार करने का निर्णय लिया.

अंत में मंकीगेट प्रकरण में जस्टिस जॉन हेनसन ने 28 जनवरी 2008 को सभी पक्षों की सुनवाई की. सचिन तेंदुलकर से भी पूछताछ हुई. फ़ैसला आया कि ऐसा कोई सबूत नही मिला कि हरभजन सिंह ने कोई रंगभेदी टिप्पणी की है.

हरभजन सिंह पर लगा प्रतिबंध हटा लेकिन अभद्र भाषा के प्रयोग के लिए आधी मैच फीस का जुर्माना लगा.

3. स्मिथ ने नहीं छोड़ा ग्राउंड

इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीन स्मिथ ख़ुद इसी साल भारत में अपनी ग़लत हरकत के लिए फंस चुके है. चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ का दूसरा मैच बेंगलुरु में खेला गया.

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Image caption स्टीव स्मिथ

दूसरी पारी में जब वह बल्लेबाज़ी करते हुए उमेश यादव की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हुए तो उन्होंने डीआरएस लेने से पहले अपने ड्रैसिंग रूम से मदद मांगी. उनकी इस हरकत पर भारत के कप्तान विराट कोहली बुरी तरह ग़ुस्सा हुए.

4. टॉस में देरी

ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ को भारत के कप्तान सौरव गांगुली से यह शिकायत रहती थी कि वह हमेशा उन्हे टॉस के लिए इंतज़ार कराते हैं.

साल 2001 में भारत दौरे पर आई वह ऑस्ट्रेलियाई टीम दुनिया में जीत का डंका बजा रही थी और कोलकाता में भारत ने उसे 171 रन से हराया था.

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Image caption विराट कोहली

5. स्मिथ बनाम कोहली

इसके अलावा साल 2016 में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच एडिलेड में टी-20 मैच के दौरान भारत के कप्तान विराट कोहली और ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ के बीच नोंक-झोंक हुई.

इसके बाद जब स्मिथ आउट होकर मैदान से बाहर जाने लगे तब कोहली ने उन्हें चिट-चैट करने वाला इशारा कर मैदान से बाहर जाने को कहा.

वैसे ख़ुद विराट कोहली भी साल 2012 में ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर सिडनी में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के दौरान अभद्र इशारा करने के आरोप में अपनी पचास फीसदी फीस गंवा चुके हैं.

तो क़िस्से तो और भी हैं लेकिन देखना है कि अब इन क़िस्सों में बढ़ोतरी होती है या बिना किसी क़िस्से के यह सिरीज़ होती है.

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