खिलाड़ी कहीं भी सुरक्षित नहीं: आईसीसी

पाकिस्तान में हलमा
Image caption पाकिस्तान में श्रीलंका टीम पर हुए हमले में कई खिलाड़ी बाल-बाल बचे

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के प्रमुख हारून लॉरगेट ने कहा है कि पाकिस्तान में श्रीलंकाई टीम पर जानलेवा हमले के बाद खिलाड़ी कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं और चरमपंथी उन्हें कहीं भी निशाना बना सकते हैं.

हारून लॉरगेट ने कहा है कि जिस तरह से हथयारों से लैस चरमपंथियों ने लाहौर में श्रीलंकाई खिलाड़ियों के कारवाँ पर हमला किया, उसने खेलों के परिदृश्य को ही बदल दिया है.

सिडनी में उन्होंने पत्रकारों को बताया, "मुझे लगता है पूरी दुनिया में कोई जगह भी निशाना बन सकती है और हम अपने खेल के स्थानों की समीक्षा करेंगे."

लॉरगेट ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि कोई देश इससे अछूता रहा है."

पाकिस्तानी पुलिस ने इस सिलसिले में कई संदिग्ध लोगों को गिरफ़्तार किया लेकिन अपनी कार्रवाई से अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है.

सुरक्षा बड़ा मुद्दा

ग़ौरतलब है कि इस हमले में छह पुलिस कर्मियों सहित आठ पाकिस्तानी नागरिकों की मौत हो गई थी. इसके अलावा छह लंकाई खिलाड़ी और दो टीम अधिकारी घायल हो गए थे.

जब लॉरगेट से इस हमले के दुष्प्रभावों पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, "हमें इस बात का पूरा अंदाज़ा है कि इससे किस तरह सुरक्षा निज़ाम पर असर पड़ेगा और इस ख़तरे का असर न सिर्फ़ क्रिकेट बल्कि दूसरे खेलों पर भी पड़ सकता है."

लॉरगेट ने कहा, "मेरे ख़्याल में ये एक तरह से सीमा पार करने जैसा है और जब इस तरह की कार्रवाई अंजाम दी जाती हैं तो स्थितियां हमेशा के लिए बदल जाती हैं."

लॉरगेट ने माना कि 2011 में भारतीय उपमहाद्वीप में आयोजित होने वाली विश्व कप प्रतियोगिता में खिलाड़ियों की सुरक्षा पहले से कहीं बड़ा मुद्दा बन गई है. विश्व कप के अलावा आईसीसी के दूसरे आयोजनों पर भी यही स्थिति रहेगी.

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