अभी खेलते रहेंगे सचिन

सचिन तेंदुलकर दूर-दूर तक संन्यास के बारे में नहीं सोच रहे हैं.

Image caption तेंदुलकर ने 1989 में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पहला टेस्ट मैच खेला था

तेंदुलकर ने बीबीसी को बताया है कि उन्हें नहीं लगता कि उन्हें इस समय सिवाय भारत के लिए खेलने के, कुछ और सोचना चाहिए.

यह पूछे जाने पर कि वो कब तक टेस्ट क्रिकेट खेलते रहना चाहते हैं, सचिन तेंदुलकर ने कहा, ''मेरे लिए पिछले कुछेक दौरे अच्छे रहे हैं, मैंने उनका मज़ा लिया है. सब कुछ बहुत बढ़िया है. जब वक़्त आएगा तो इस बारे में सोच लेंगे. मैं उस चीज़ के बारे में नहीं सोचना चाहता जो अभी मौजूद ही नहीं है.''

बीबीसी से बातचीत में सचिन तेंदुलकर ने कहा कि क्रिकेट उनके लिए एक जुनून है.

उनका कहना था कि वह क्रिकेट से बेहद प्यार करते हैं और इस खेल के लिए उनका ये प्यार इतने सालों में बढ़ा ही है

'टेस्ट क्रिकेट अव्वल'

टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा रन और शतक बनाने वाले सचिन तेंदुलकर टेस्ट क्रिकेट के भविष्य के बारे में भी आश्वस्त हैं.

पिछले कुछ सालों में क्रिकेट में ट्वेंटी-20 का खेल काफ़ी मशहूर हुआ है लेकिन तेंदुलकर का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट ही किसी खिलाड़ी के खेल की सही परख है.

उन्होंने बीबीसी से कहा कि उनके हिसाब से टेस्ट क्रिकेट सबसे उपर है, इसमें प्रतिस्पर्द्धा है, चुनौतियां है और इसे खेलने के लिए ढेर सारी योजनाएँ बनानी पड़तीं हैं.

ऐशेज़ पर

इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच वर्तमान ऐशेज श्रृंखला में तीन टेस्ट मैच खेले जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया भले ही एक-शून्य से पिछड़ रहा हो लेकिन सचिन का मानना है कि यह स्थिति बदल भी सकती है.

तेंदुलकर ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाआई टीम प्रतिकूल हालात से उभरने के लिए मशहूर है और उन्हें कोई संदेह नहीं कि इस बार ऐसा ही होगा.

तेंदुलकर ने ये भी कहा है कि इंग्लैंड के मशहूर हरफ़नमौला खिलाड़ी एंड्रयू फ़्लिंटॉफ़ के मौजूदा ऐशेज़ सीरिज़ के बाद टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने से इंग्लैंड को भारी नुकसान होगा.

सचिन तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट में अब तक 159 टेस्ट मैचों में 12,773 रन बनाए हैं. इसमें 42 शतक और 53 अर्द्धशतक हैं.

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