बीसीसीआई के दबाव में झुकी आईसीसी

बीसीसीआई लोगो
Image caption माना जा रहा है कि आईसीसी बीसीसीआई के दबाव में झुक गई है क्योंकि भारत के दूसरे खेलों के बड़े खिलाड़ी भी वाडा नियमों को मान रहे हैं.

विश्व एंटी डोपिंग एजेंसी (वाडा) के निर्देशों पर भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) की चिंताओं को दूर करने के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने एक समिति का गठन किया है.

वाडा के निर्देशों के तहत हर खिलाड़ी को अगले तीन महीनों में किस दिन वो कहां रहेंगे यह जानकारी वाडा को देनी थी जिस पर कई खिलाड़ियों को आपत्ति थी और बाद में बीसीसीआई ने भी इस पर चिंता जताई थी.

आईसीसी ने इंटरनेशनल रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल (आईआरटीपी) नाम से एक समिति बनाई है जिसकी अध्यक्षता टिम केर करेंगे. केर आईसीसी कि एंटी डोपिंग पैनल के प्रमुख भी हैं. इस समिति में आईसीसी के मुख्य कार्यकारी हारुन लोर्गात, बीसीसीआई के सचिव एन श्रीनिवासन, आईसीसी के प्रमुख सलाहकार आईएस बिंद्रा और भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले को शामिल किया गया है.

भारत के पूर्व चेस्ट खिलाड़ी मदनलाल ने कहा कि इस समिति में कुंबले और श्रीनिवासन का होना अच्छी बात है लेकिन मसला गंभीर है और इसमें खिलाड़ियों को मनाना मुश्किल काम होगा.

आईसीसी के ड्र्ग्स टेस्टिंग पूल में भारत के 11 खिलाड़ियों के नाम हैं और इन सभी ने आपत्तियां दर्ज़ कराई हैं. वाडा नियमों के तहत इन खिलाड़ियों को हर चार महीने पर आईसीसी को यह सूचित करना होगा कि वो अगले तीन महीनों में किस दिन कहां होंगे और हर दिन एक घंटे का समय देना होगा जिसमें अगर डोपिंग एजेंसी चाहे तो उनके नमूने ले सके.

बीसीसआई और खिलाड़ियों का कहना है कि अगर सभी को ये पता होगा कि वो अगले तीन महीने किस दिन किस समय कहां होंगे तो इससे उनकी सुरक्षा को ख़तरा हो सकता है.

कुछ खिलाड़ियों ने इसे प्राइवेसी में दखल भी बताया है. आईआरटीपी की बैठक की तारीख अभी तय नहीं हुई है. हालांकि इससे पहले रविवार को बीसीसीआई ने कहा था कि खिलाड़ियों को वाडा के निर्देश मानने होंगे.

संबंधित समाचार