दिल्ली टीम छोड़ने की धमकी

वीरेंदर सहवाग
Image caption सहवाग का आरोप है कि संघ के अधिकारी चयन प्रक्रिया में दबाव डालते हैं

दिल्ली क्रिकेट टीम में चयन प्रक्रिया को लेकर वीरेंदर सहवाग और दिल्ली क्रिकेट संघ के बीच शुरू हुए विवाद में गौतम गंभीर और इशांत शर्मा जैसे वरिष्ठ खिलाड़ी भी सहवाग के साथ जा खड़े हुए हैं.

वीरेंदर सहवाग ने सोमवार को धमकी दी थी कि वह दिल्ली के लिए खेलना छोड़ देंगे क्योंकि उनका आरोप था कि दिल्ली क्रिकेट संघ की खेल कमेटी टीम चुनने के मामले में हस्तक्षेप करती है और वहाँ भ्रष्टाचार भी काफ़ी है.

संघ के खेल सचिव सुनील देव ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि वह इस मामले पर खिलाड़ियों से बातचीत के लिए तैयार हैं.

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली दिल्ली क्रिकेट संघ-डीडीसीए के अध्यक्ष हैं और इस तरह कई वरिष्ठ खिलाड़ियों के यूँ आवाज़ उठाने के बाद माना जा रहा है कि जेटली ने अधिकारियों से मामले को तूल देने के बजाय ठंडा होने देने की सलाह दी है.

वीरेंदर सहवाग इन दिनों कंधे की चोट का इलाज करवाने के सिलसिले में बंगलौर में हैं और माना जा रहा है कि उनके दिल्ली लौटने के बाद अरुण जेटली उनसे मुलाक़ात कर सकते हैं.

वीरेंदर सहवाग ने हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए दिल्ली की ओर से छोड़कर हरियाणा की ओर से खेलने की धमकी दी थी. उनका कहना है कि टीम के चयन में संघ की ओर से काफ़ी हस्तक्षेप होता है.

खिलाड़ियों का समर्थन

सहवाग के अलावा गौतम गंभीर और आशीष नेहरा ने भी चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे और चयन की प्रक्रिया ज़्यादा पारदर्शी नहीं हुई तो वे भी किसी और संघ की ओर से खेलने से नहीं हिचकेंगे.

गौतम गंभीर का तो ये भी कहना है कि खेल समिति में एक भी क्रिकेटर नहीं है और ये भी बदला जाना चाहिए क्योंकि लोग अपने-अपने उम्मीदवारों को टीम में शामिल करवाना चाहते हैं.

साथ ही इशांत शर्मा ने भी दिल्ली के कप्तान वीरेंदर सहवाग का साथ दिया है और कहा है कि 'उन्होंने सही बातें उठाई हैं.'

डीडीसीए की खेल समिति के लिए कुछ ही दिनों में चुनाव होने वाले हैं और संघ के कुछ अधिकारियों का कहना है कि खिलाड़ियों ने ये क़दम दबाव बनाने की नीति के तहत उठाया है.

वैसे खिलाड़ियों ने औपचारिक रूप से लिखित तौर पर कोई बात संघ के सामने नहीं रखी है और सभी बातें मीडिया के ही ज़रिए आई हैं.

संघ के उपाध्यक्ष चेतन चौहान ने वैसे माना कि कुछ समस्याएँ हैं जिनका समाधान निकाला जाना चाहिए.

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