फ़ैसले पर पुनर्विचार की गुहार

Image caption बीसीसीआई और आईएमजी के बीच आईपीएल के आयोजन को लेकर समझौता था.

इंटरनेशनल मैनेजमेंट ग्रुप( आईएमजी) ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से कहा है कि वो उसकी सेवाएँ बंद करने के अपने फ़ैसले पर फिर से विचार करे.

इंडियन प्रीमियर लीग आयोजित करने में अब तक बीसीसीआई इवेंट मैनेजमेंट कंपनी आईएमजी की सेवाएँ लेता रहा है.

रिपोर्टों के मुताबिक कुछ दिन पहले बीसीसीआई सचिव एन श्रीनिवासन ने आईएमजी को नोटिस भेजा था कि अब उसकी सेवा नहीं ली जाएगी.

आईएमजी के वरिष्ठ उप अध्यक्ष एंड्रयू वाइल्डबल्ड ने कहा है कि बीसीसीआई ने ये नहीं बताया कि किस आधार पर ऐसा किया गया है.

पीटीआई के मुताबिक बीसीसीआई सचिव ने अपने पत्र में लिखा है कि बोर्ड की वर्किंग समिति उन बातों पर सहमत नहीं है जिन्हें लेकर वाइल्डबल्ड के साथ करार हुआ था कि आईएमजी को 2008 के आईपीएल के लिए 42.92 करोड़ रुपए दिए जाएंगे.

विवाद

इस बीच आईपीएल टीमों के मालिकों ने इस बात पर नाराज़गी जताई है कि बीसीसीआई ने आईएमजी के साथ रिश्ते ख़त्म कर दिए हैं.

एक भारतीय अख़बार के मुताबिक मुंबई इंडियंस टीम के मालिक मुकेश अंबानी ने बीसीसीआई को पत्र लिख कर कहा है कि वो इस एकतरफ़ा निर्णय से आश्चर्यचकित हैं कि इतना बड़ा फ़ैसला बिना टीमों से बात किए बगैर कैसे लिया गया.

आईपीएल के प्रमोशन और आयोजन के लिए बीसीसीआई ने 2008 में आईएमजी के साथ समझौता किया था जिसमें आमदनी का 10 फ़ीसदी हिस्सा बतौर कमिश्न आईएमजी को दिया जाना था.

माना जा रहा है कि आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में आईएमजी का मुद्दा उठाया जाएगा.

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