कारपोव और कास्परोव फिर आमने-सामने

अनातोली कारपोव और गैरी कास्परोव
Image caption अनातोली कारपोव और गैरी कास्परोव के बीच विश्व शतरंज चैंपियनशिप का ऐतिहासिक मुक़ाबला हुआ था

शतरंज के इतिहास के दो प्रमुख प्रतिद्वन्द्वी एक बार फिर आमने सामने होने जा रहे हैं. गैरी कास्परोव और अनातोली कारपोव के बीच ये रोमाँचक मुक़ाबला इस हफ़्ते स्पेन के वैलेंसिया शहर में लोगों के सामने होगा.

अब से 25 साल पहले ये दोनों ग्रैंड मास्टर्स पहली बार विश्व ख़िताब के लिए एक ऐतिहासिक मुक़ाबले में उतरे थे जो कि पाँच महीनों तक चला था.

सितंबर 1984 में हुए उस मैच के बाद आज दोनों के बाल अब कुछ ज़्यादा सफ़ेद हो चुके हैं और कमर भी चौड़ी हो चुकी है. मगर जैसे दो हेवीवेट मुक्केबाज़ रिटायरमेंट से बाहर आते हैं उसी तरह कास्परोव और कारपोव के इस मैच से प्रशंसकों में काफ़ी उत्साह है.

एक चौथाई शताब्दी पहले 21 वर्षीय गैरी कास्परोव ने विश्व चैंपियन अनातोली कारपोव को चुनौती दी थी. मुक़ाबला पाँच महीने तक और 48 गेम में चला मगर कोई स्पष्ट नतीजा नहीं निकला और किसी को भी विजेता घोषित नहीं किया जा सका.

उस समय आयोजकों का कहना था कि इस तरह लंबे चल रहे मुक़ाबले से दोनों खिलाड़ियों की सेहत पर असर पड़ रहा था.

तैयारी

Image caption कारपोव और कास्परोव के बीच इस बार मुक़ाबला स्पेन के वैलेंसिया शहर में होगा

मगर उसके अगले ही साल हुए मुक़ाबले में कास्परोव ने जीत हासिल की थी और इस तरह शतरंज में एक नए युग की शुरुआत हुई थी.

अब 46 साल के गैरी कास्परोव इस मैच के लिए अपने ही तैयार किए हुए एक युवा खिलाड़ी के साथ मिलकर तैयारी कर रहे हैं.

जबकि 58 साल के कारपोव ने कंप्यूटर और कुछ ग्रैंड मास्टर्स के साथ मिलकर तैयारी की है.

सोवियत युग के शतरंज की ये दो बड़ी हस्तियाँ एक बार फिर घड़ी की सुइयों को पीछे ले जाने की कोशिश करेंगी मगर इस बार 12 गेम होंगे जो तय समय सीमा में खेले जाएँगे

मेज़बान शहर वैलेंसिया दावा करता है कि आधुनिक शतरंज की शुरुआत वहीं से हुई थी.