सेक्स, खेल और प्रदर्शन

भारतीय क्रिकेट टीम

भारतीय क्रिकेट टीम खेल के अलावा भी कुछ और चीज़ों के लिए ख़बरों में है. एक भारतीय अख़बार ने ये ख़बर छापी है कि भारतीय टीम के कोच गैरी कर्स्टन ने खिलाड़ियों के लिए कुछ बेहद दिलचस्प नसीहतें दे रखीं हैं. जैसे कि उन्हें क्या खाना चाहिए, क्या नहीं. और ये भी कि सैक्स कैसे आपके खेल के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है.

इन नसीहतों पर भारतीय टीम और बोर्ड ने तो चुप्पी साध ली है लेकिन दक्षिण अफ्रीका में चल रही चैंपियन्स ट्रॉफ़ी में हिस्सा ले रही टीमों के खिलाड़ियों पर सेक्स और स्पोर्ट्स के बीच इस संबंध के बारे में सवाल दागे जा रहे हैं.

प्रतिक्रिया

इंग्लैंड के उप-कप्तान और हरफ़नमौला खिलाड़ी पॉल कॉलिंगवुड से भी यही सवाल पूछा गया. कॉलिंगवुड जवाब तो टाल गए लेकिन वो सवाल की तारीफ़ करना कतई नहीं भूले.

कॉलिंगवुड ने चेहरे पर मुस्कराहट लाते हुए कहा ‘सबसे पहले ये बता दूं कि किसी भी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में मुझ से पूछा जाने वाला ये सबसे अच्छा सवाल है. लेकिन मुझे इस पर कुछ नहीं कहना है क्योंकि गैरी कर्स्टन ने जो लिखा है वो मैंने पढ़ा नहीं हैं’

जिससे भी ये सवाल पूछा गया वो बिना मुस्कराये या ठहाका लगाए नहीं रह सका. आमतौर पर मीडिया के बाउंसर्स को हुक करने वाले ऑस्ट्रेलिया कैप्टन रिकी पॉन्टिंग भी सेक्स और क्रिकेट के मुद्दे पर चारों खाने चित हो गए.

पॉन्टिंग ने कहा ‘हूं…टीम का विज़न डॉक्यूमेंट...दिलचस्प है, मुझे नहीं लगता....नहीं लगता...मैं इस बारे में बस इतना ही कह सकता हूं. मुझे तो इस सवाल ने ही चित कर दिया. कृपया अगला सवाल पूछिए’

पॉन्टिंग के ऑस्ट्रेलियाआई टीम सहयोगी माइकल हसी तो इस सारे मुद्दे पर ख़ूब चुटकी लेते दिखे. लेकिन हंसी तो हसी की भी नहीं रुक रही थी. मिस्टर क्रिकेट के नाम से मशहूर हसी ने कहा ‘सच में? क्या ये सही है?.. ख़ैर में घर से चार महीने से दूर हूं इसलिए इस पर कुछ ज़्यादा नहीं कह सकता’

सेक्स और खेल

इस सारे मुद्दे पर अब एक बहस-सी छिड़ गई है लेकिन क्या खेल, सेक्स और प्रदर्शन के बीच आख़िर कोई नाता है भी या नहीं और अगर है तो क्या? बीबीसी ने यही सवाल पूछा डॉक्टर मोहन चंद्रन से. डॉक्टर चंद्रन पिछले पच्चीस साल से भारतीय खेल प्राधिकरण से जुड़े हैं.

डॉ चंद्रन कहते हैं ``सभी चीज़ें ज़रुरत के मुताबिक करनी चाहिएं. अगर आप ज़रुरत से ज़्यादा खाना खाते हैं तो ये खेलों में आपके प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है और यही बात सैक्स पर भी लागू होगी.''

डॉ मोहन चंद्रन कहते हैं कि सेक्स खेलों में प्रदर्शन को बेहतर तो नहीं कर सकता लेकिन इस की कमी से प्रदर्शन पर प्रतिकूल असर ज़रुर पर सकता है. वो कहते हैं कि दुर्भाग्य से हमारे देश में सेक्स एक वर्जित शब्द है जिस पर कोई खुलकर बात नहीं करता.

शायद यही वजह है कि लोग इस सारे मुद्दे पर ख़ूब चुटकी लेकर बात कर रहे हैं.

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