इंग्लैंड, न्यूज़ीलैंड ने अपने मैच जीते

ग्रेम स्मिथ
Image caption ग्रेम स्मिथ का शानदार शतक दक्षिण अफ़्रीका के काम न आया.

चैम्पियंस ट्रॉफ़ी के ग्रुप मुक़ाबलों में न्यूज़ीलैंड ने श्रीलंका को हरा कर सेमीफ़ाइनल में पहुँचने की उम्मीदें बरकरार रखी है, तो दूसरे मैच में इंग्लैंड ने मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका को 22 रनों से हरा दिया है.

इंग्लैंड ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया और विपक्षी टीम को जीतने के लिए 324 रनों का विशाल लक्ष्य दिया लेकिन दक्षिण अफ़्रीकी टीम एक बार फिर दबाव में बिखर गई और 50 ओवरों में नौ विकेट पर 301 रन ही बना पाई.

मेज़बान टीम ने लक्ष्या का पीछा करते हुए एक के बाद लगातार विकेट गँवाए. अपवाद रहे कप्तान ग्रेम स्मिथ जिन्होंने एक छोड़ थामे रखा और जब तक क्रीज़ पर रहे जीत की उम्मीदें जगाई रखी.

स्मिथ ने 16 चौकों की सहायता से 134 गेंदों पर 141 रन बनाए लेकिन कोई और बल्लेबाज़ उनका साथ नहीं दे सका और लंबी साझीदारी के अभाव में टीम पिछड़ गई.

स्मिथ के अलावा एबी डीविलियर्स ही एक ऐसे बल्लेबाज़ रहे जिन्होंने 25 का आँकड़ा पार किया.

हालांकि शुरुआत अच्छी नहीं रही और कप्तान एंड्र्यू स्ट्रॉस और डेनली 60 रनों के भीतर पैवेलियन लौट गए.

Image caption कॉलिंगवुड ने लगातार दूसरे मैच में शानदार अर्धशतक लगाया.

लेकिन तीसरे विकेट के लिए ओवेश शाह,और पॉल कोलिंगवुड ने शतकीय साझीदारी कर टीम को बड़े स्कोर की राह पर ला दिया. ओवैश शाह ने 98 और पॉल कॉलिंगवुड ने 82 रन बनाए.

मध्यक्रम में ईयन मोर्गन ने ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी करते हुए 67 रन बनाए.

ओवैश शाह ने मेज़बान गेंदबाज़ों पर जमकर प्रहार करते हुए उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया. उन्होंने अपनी 98 रनों की ताबड़तोड़ पारी में 89 गेंदों पर पांच चौके और छह छक्के जड़े.

कॉलिंगवुड ने मोर्गन के साथ मोर्चा संभालते हुए मेजबान गेंदबाजों पर विकेट के चारों तरफ शानदार शॉट जमाते हुए चौथे विकेट के लिए 29 गेंदों पर 40 रन जोड़े. हालांकि किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और वह भी शतक से चूक गए.

श्रीलंका के ख़िलाफ़ टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाले युवा बल्लेबाज मोर्गन ने कॉलिंगवुड के जाने के बाद गेंदबाजों की खूब बखिया उधेड़ी.

न्यूज़ीलैंड की जीत

रविवार को ही खेले गए एक अन्य मैच में न्यूज़ीलैंड ने श्रीलंका को 38 रनों से हरा कर टूर्नामेंट में बने रहने की उम्मीदें जगाई.

चोटिल जेसी राइडर की 58 गेंदों पर 74 रनों की साहसिक पारी और ब्रैंडन मैकुलम के साथ बड़ी साझीदारी के बूते न्यूज़ीलैंड ने पहले बैटिंग करते हुए 315 रन बनाए. जवाब में श्रीलंका की पारी 277 रनों पर सिमट गई.

Image caption श्रीलंकाई कप्तान संगकारा इस मैच में कोई छाप नहीं छोड़ पाए.

टॉस जीत कर पहले फ़ील्डिंग करने का श्रीलंकाई कप्तान का फ़ैसला ग़लत साबित हुआ और कीवियों की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 125 रन जोड़ दिए.

ब्रैंडन मैकुलम ने 46 रनों की पारी खेली. मध्यक्रम लड़खड़ाने से न्यूजीलैंड बीच में बैकफुट पर चला गया लेकिन श्रीलंकाई इसका फायदा नहीं उठा पाए. कप्तान डेनियल विटोरी (48) और मार्टिन गुप्टिल (66) न्यूज़ीलैंड टीम को पटरी पर ले आए.

वांडरर्स की पिच बल्लेबाजी के अनुकूल थी लेकिन श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने तेज गति से रन बनाने के प्रयास में गैर-ज़िम्मेदाराना शॉट खेले और इसका उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ा.

तिलकरत्ने दिलशान ने 41 रन की तूफानी पारी खेली जबकि महेला जयवर्धने ने दो बार कैच छूटने के बाद 77 रन बनाए. नुवान कुलशेखरा ने प्रभावशाली प्रदर्शन करके नाबाद 57 रन बनाए लेकिन श्रीलंका की जीत के लिए यह पर्याप्त नहीं था.

श्रीलंका की पूरी टीम 47वें ओवर में 277 रनों पर सिमट गई. इस हार के साथ ही श्रीलंका की अब सेमीफाइनल में पहुंचने की राह बहुत कठिन हो गई है.

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