रोमांचक मैच में भारत पराजित

सचिन
Image caption सचिन ने सत्रह हज़ार रन पूरे किए.

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर की शानदार शतकीय पारी भारत के काम नहीं आई और जीत के लिए 351 रनों के लक्ष्य का पीछा कर रही भारतीय टीम 347 रन बनाकर आउट हो गई.

आख़िरी ओवर में भारत को आठ रन बनाने थे लेकिन प्रवीण कुमार रन आउट हो गए और इसी के साथ भारत तीन रन से परास्त हो गया. इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया की टीम सात वनडे मैचों की सिरीज़ में 3-2 से आगे हो गई है.

इस मैच के दौरान ही सचिन तेंदुलकर ने वनडे मैच में 17 हज़ार रन पूरे कर नया कीर्तिमान कायम किया. उन्होंने शतक भी लगाया है. सैंतीस वर्षीय सचिन ने ये रिकॉर्ड अपने 435वें वनडे मैच में दर्ज कराया.

सचिन जब 17 हज़ार रनों पर पहुँचे तो उन्होंने ये कीर्तिमान 44 शतकों और 91 अर्धशतकों की मदद से स्थापित किया.

सचिन ने न सिर्फ़ वनडे बल्कि टेस्ट मैचों में भी सबसे अधिक रन बनाए हैं. उन्होंने 159 टेस्ट मैचों में 42 शतकों के साथ 12 हज़ार सात सौ 73 रन बनाए हैं. जोकि एक रिकॉर्ड है.

हैदराबाद वनडे में सचिन तेंदुलकर भारत को जीत के काफ़ी क़रीब लेकर गए लेकिन जिस समय भारत का स्कोर 332 रन था. सचिन 175 रन बनाकर आउट हुए.

सचिन के अलावा वीरेंदर सहवाग ने 38 रन, सुरेश रैना ने 59 और रवींद्र जडेजा 23 रन बनाए. इसके पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम ने निर्धारित 50 ओवर में चार विकेट पर 350 रन बनाए. शॉन मार्श ने 112 और शेन वॉटसन ने 93 रन बनाए.

भारत की पारी

भारत का पहला विकेट सहवाग के रुप गिरा जब उनका व्यक्तिगत स्कोर 38 रन था और उन्हें हिल्फ़ेनहौस की गेंद पर बॉलिंगर ने कैच किया. भारत का स्कोर उस समय 66 रन था.

दूसरा विकेट गंभीर के रुप में गिरा जब उन्होंने आठ रन बनाए थे और टीम का स्कोर था 92 रन. उन्हें मैक्के की गेंद पर हिल्फ़ेनहौस ने कैच किया.

युवराज मात्र नौ रन बनाकर वॉट्सन की गेंद पर आउट हुए. वॉट्सन ने ही उनका कैच लपका.

कप्तान धोनी केवल छह रन बना पाए. उन्हें मैक्के की गेंद पर वोग्स ने कैच किया. युवराज का विकेट टीम के 126 के स्कोर पर और धोनी का विकेट 162 रनों के स्कोर पर गिरा.

इसके बाद सचिन ने आतिशी पारी खेलते हुए 169 रन बनाए हैं और उनका साथ दे रहे है. उन्होंने 19 चौके और चार छक्के लगाए हैं. उनका साथ दे रहे हैं जडेजा.

सुरेश रैना ने 59 रन बनाए और वॉट्सन की गेंद पर कैच आउट हुए. हरभजन भी वॉट्सन की ही गेंद पर शून्य पर आउट हो गए हैं.

विशाल लक्ष्य

ऑस्ट्रेलिया ने निर्धारित 50 ओवरों में चार विकेट के नुक़सान पर 350 रन बनाए.

ऑस्ट्रेलिया के इस विशाल स्कोर में सबसे बड़ा योगदान मार्श और वाटसन का रहा, जिन्होंने क्रमानुसार टीम के स्कोर में 112 और 93 रन जोड़े.

ऑस्ट्रेलिया का शुरुआती पांच ओवर काफ़ी धीमा रहा, लेकिन उसके बाद जब वाटसन ने लय पकड़ी तो फिर रन बनाने की गति कभी भी धीमी नहीं रही.

Image caption मार्श ने ऑस्ट्रेलिया की ओर से सबसे अधिक 112 रन बनाए हैं.

पहला विकेट वाटसन के रुप में 26वें ओवर में गिरा जब टीम का स्कोर 145 रन पर पहुँच चुका था.

दूसरे विकेट के रुप में पोंटिंग आए और उन्होंने 45 गेंदों में 45 रन जड़े. प्रवीण कुमार ने उनके विकेट ढहा दिए. हालाँकि तबतक पोंटिंग मार्श के साथ 91 रनों की साझेदारी कर चुके थे. पोंटिंग का विकेट 39वें ओवर में गिरा और उस समय टीम का स्कोर 236 रन पर पहुँच चुका था.

तीसरा विकेट मार्श के रुप में गिरा और उस समय टीम एक विशाल स्कोर की ओर बढ़ चुकी थी. तीसरा विकेट 43वें ओवर में 270 रनों पर गिरा.

चौथा और आख़िरी विकेट कैमरुन व्हाइट के रुप में गिरा और उन्होंने 57 रन जड़े. कैमरुन ने धुआँधार बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया और पाँच छक्के और दो चौके लगाए. जबकि माइकल हसी 31 रन बनकार नाबाद रहे.

भारत की गेंदबाज़ी कोई ख़ास नहीं रही है. प्रवीण कुमार ने दो, आशिष नेहरा और हरभजन ने एक-एक विकेट लिए.

ऑस्ट्रलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया था.

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