जर्मन गोलची ने की आत्महत्या

जर्मनी के बेहतरीन गोलचियों में से एक रॉबर्ट एंके ने ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली. पता चला है कि वो अवसाद ग्रसित थे.

वह हाल के दिनों राष्ट्रीय टीम से बाहर थे.

उनकी पत्नी टेरेसा ने बताया कि एंके इस बात से चिंतित रहते थे कि उनकी तबीयत सार्वजनिक हो जाने पर कहीं उनकी बेटी लैला उनसे दूर न हो जाए. लैला को उन्होंने गोद लिया था.

एंके की अपनी पत्नी से भी एक बेटी थी जिसका नाम लारा था लेकिन दो साल की उम्र में ही दिल की बीमारी से उसका निधन हो गया. ये घटना 2006 की है. अपनी बेटी की मौत का गहरा असर रॉबर्ट एंके की ज़िंदगी पर पड़ा.

लगभग छह वर्षों से वह अवसाद में थे और वर्ष 2003 में उन्होंने अपना इलाज भी करवाया था.

मंगलवार को 32 वर्षीय एंके अपनी घर के पास रेल लाइन पर चलने लगे और सामने से आ रही ट्रेन से कट कर उनकी मौत हो गई. उनके पास से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें उन्होंने अपनी मानसिक स्थिति छिपाने के लिए माफी माँगी है.

जेस लेहमन के संन्यास लेने के बाद एंके को जर्मनी का सबसे अच्छा गोलकीपर कहा जाने लगा था.

बीमार होने की वजह वह जर्मनी की ओर से पिछले चार अंतरराष्ट्रीय मुकाबले नहीं खेल पाए थे.

बीते सप्ताह वह अपने क्लब हनोवर की ओर से खेले थे. जर्मन फुटबाल टीम के कोच जोएचिम लोएव का कहना रहा है कि एंके एक बेहतरीन गोलकीपर थे और वर्ष 2010 के विश्व कप के लिए उनका चयन पक्का था.

28 मार्च, 2007 को एंके ने जर्मनी के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय मैच डेनमार्क के खिलाफ खेला था.

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