माराडोना पर लगा दो महीने का प्रतिबंध

दिएगो माराडोना
Image caption पहले अर्जेंटीना के खिलाड़ी रह चुके माराडोना के लिए प्रतिबंध नई बात नहीं है.

अर्जेंटीना के कोच डिएगो माराडोना पर फुटबॉल फेडरेशन ने दो महीने का प्रतिबंध लगा दिया है.

पिछले महीने उरुग्वे के ख़िलाफ़ अर्जेंटीना की जीत के बाद माराडोना ने गुस्से में जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया था उसे देखते हुए माराडोना पर दो महीने का प्रतिबंध लगा है.

इस मैच से पहले अर्जेंटीना पर और माराडोना पर ज़बर्दस्त दबाव था और मैच जीतने के बाद लाइव प्रेस कांफ्रेंस के दौरान उन्होंने आलोचकों और रिपोर्टरों के लिए भद्दी और गंदी भाषा का प्रयोग किया.

उरुग्वे के ख़िलाफ़ जीत के साथ ही विश्व कप 2010 में अर्जेंटीना का स्थान पक्का हो गया है.

माराडोना पर यह प्रतिबंध 15 नवंबर से 15 फरवरी तक रहेगा जिसका मतलब यह हुआ कि वो चार दिसंबर को विश्व कप की समय सारणी की घोषणा के दौरान उपस्थित नहीं रह सकेंगे.

इसके अलावा माराडोना चेक गणराज्य के साथ अर्जेंटीना के एक दोस्ताना मैच में भी नहीं रह सकेंगे.

माराडोना के ख़िलाफ़ ज्यूरिख़ में तीन घंटे तक अनुशासन समिति ने सुनवाई की जिसके बाद उन पर प्रतिबंध के साथ ही 15000 डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया है.

फीफा ने अपने बयान में कहा है कि माराडोना ने अपने व्यवहार के लिए गहरा पश्चाताप प्रकट किया.

हालांकि फीफा ने माराडोना को चेतावनी दी है कि अगर ऐसी घटना दोबारा हुई तो उनपर कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे.

माराडोना के गुस्से में भरे बयानों के बाद फीफा के अध्यक्ष सैप ब्लैटर ने कहा था कि माराडोना के मामले में अनुशासन समिति के समक्ष सुनवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था.

उरुग्वे से हुए मैच से पहले माराडोना पर बहुत दबाव था क्योंकि इससे पहले अर्जेंटीना की टीम उनके कोच रहते बोलीविया, इक्वेडोर, ब्राजील और पराग्वे से हार गई थी.

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