भारोत्तोलन संघ में इस्तीफ़े

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Image caption भारतीय भारोत्तोलक प्रतियोगिता के बाहर किए गए परीक्षणों में नशीली दवा लेने के दोषी पाए गए

एक के बाद एक छह भारोत्तोलकों के डोप टेस्ट यानी नशीली दवा लेने के टेस्ट दोषी पाए जाने के बाद भारतीय भारोत्तोलक परिसंघ के सभी पदाधिकारियों ने सोमवार को इस्तीफ़े दे दिए हैं.

माना जा रहा है कि भारोत्तोलन परिसंघ की आपात बैठक में केंद्रीय खेल मंत्रालय और ओलंपिक एसोसिएशन के दबाव में कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने इस्तीफ़े दिए हैं.

केंद्रीय खेल मंत्री एमएस गिल ने सोमवार को सुबह केंद्रीय विद्यालय के खेल समारोह में कहा था कि भारतीय भारोत्तोलक परिसंघ को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए.

अभी यह आशंका बनी हुई है कि छह खिलाड़ियों के डोप टेस्ट में पकड़े जाने की वजह से भारतीय भारोत्तोलन परिसंघ को आगामी राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लेने से रोक दिया जाए.

ऐसे में मेज़बान भारत की टीम भारोत्तोलन के किसी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकेगी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार विश्व भारोत्तोलक परिसंघ की बैठक दक्षिण कोरिया में होने जा रही है.

इस बैठक में भारत पर प्रतिबंध लगाने के बारे में विचार किया जाना है.

उल्लेखनीय है कि यदि एक साल में किसी देश के तीन से ज़्यादा खिलाड़ी नशीली दवा लेने के दोषी पाए जाते हैं तो उस देश पर चार साल के लिए प्रतिबंध लगाया जा सकता है.

पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि केंद्रीय खेल मंत्री एमएस गिल ने ओलंपिक एसोसिशन के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी से कहा था कि वे भारोत्तोलक परिसंघ के मामले को ठीक करें.

इसके बाद सुरेश कलमाड़ी ने भारतीय भारोत्तोलन परिसंघ के पदाधिकारियों से बात की थी.

समाचार एजेंसी का कहना है कि पूरी कार्यकारिणी के इस्तीफ़े के फ़ैसले से ओलंपिक संघ और खेल मंत्रालय को अवगत करा दिया गया है.

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