पहला टेस्ट बचाने में सफल भारत

वीवीएस लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर

भारत और श्रीलंका के बीच अहमदाबाद में खेला गया पहला टेस्ट मैच ड्रॉ हो गया है.

एक समय हार बचाने के लिए संघर्ष कर रही भारतीय टीम ने टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार प्रदर्शन किया और टेस्ट बचाने में सफल रही.

भारत की ओर से पहले गौतम गंभीर ने शतक लगाया और फिर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने नाबाद शतकीय पारी खेली.

जिस समय भारत का स्कोर चार विकेट पर 412 रन था, उस समय दोनों टीमों के कप्तान मैच ड्रॉ समाप्त करने पर सहमत हो गए.

उस समय सचिन तेंदुलकर 100 रन पर और वीवीएल लक्ष्मण 51 रन पर नाबाद थे. भारत ने पहली पारी में 426 रन बनाए थे, जबकि श्रीलंका ने पहली पारी सात विकेट पर 760 रन बनकार समाप्त घोषित की थी.

शानदार बल्लेबाज़ी

पहली पारी के आधार पर 334 रनों की बढ़त हासिल करने के बाद श्रीलंका को उम्मीद थी कि दूसरी पारी में भारतीय बल्लेबाज़ दबाव में ग़लती करें और उन्हें पहली बार भारतीय ज़मीन पर जीत का स्वाद चखने का मौक़ा मिले.

Image caption गौतम गंभीर ने सातवाँ टेस्ट शतक लगाया

लेकिन ऐसा हुआ नहीं. अहमदाबाद टेस्ट के पाँचवें दिन भारत ने अपनी दूसरी पारी दो विकेट पर 190 रन से आगे खेलना शुरू किया. उस समय भारतीय टीम 144 रन पीछे थी.

गौतम गंभीर 74 और अमित मिश्रा 12 रन बनाकर खेल रहे थे. पाँचवें दिन श्रीलंका को पहली सफलता अमित मिश्रा के रूप में मिली.

गुरुवार को नाइट वॉचमैन के रूप में उतरे अमित मिश्रा 24 रन बनाकर एंजेलो मैथ्यूज की गेंद पर दिलशान को कैच थमा बैठे.

इसके बाद पिच पर उतरे सचिन तेंदुलकर. अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20 साल पूरे करने वाले सचिन तेंदुलकर पहली पारी में नाकाम रहे थे.

लेकिन इस पारी में उन पर बड़ी ज़िम्मेदारी थी. ज़िम्मेदारी टेस्ट बचाने में अहम भूमिका निभाने की. उनके साथ पिच पर थे गौतम गंभीर.

गौतम गंभीर ने अपनी अच्छी बल्लेबाज़ी जारी रखी और टेस्ट करियर में अपना सातवाँ शतक पूरा किया. लेकिन गंभीर 114 रन बनाकर आउट हो गए.

अच्छी साझेदारी

इसके बाद सचिन और वीवीएस लक्ष्मण ने संभल कर खेलना शुरू किया और भारत को संकट से निकाल लिया. सचिन के अपने टेस्ट करियर का 43वाँ शतक पूरा करने के बाद दोनों कप्तान मैच ड्रॉ करने पर सहमत हो गए.

Image caption सचिन ने 43वाँ टेस्ट शतक लगाया

सचिन जब इस टेस्ट की दूसरी पारी में 35 रन पर पहुँचे तो उन्होंने एक और उपलब्धि हासिल कर ली. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 30 हज़ार रन पूरे किए. इनमें टेस्ट, वनडे और एकमात्र ट्वेन्टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच के रन शामिल हैं.

इस टेस्ट में जिन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किए. उनमें सबसे पहला नाम श्रीलंका के महेला जयवर्धने का आता है. जिन्होंने इस टेस्ट में 275 रनों की बेमिसाल पारी खेली.

उन्होंने प्रसन्ना जयवर्धने के साथ रिकॉर्ड साझेदारी की और श्रीलंका ने भारत की ज़मीन पर अब तक का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया. श्रीलंका ने सात विकेट पर 760 रन बनाए.

प्रदर्शन

महेला जयवर्धने को शानदार पारी के लिए मैन ऑफ़ द मैच भी चुना गया.

Image caption महेला जयवर्धने ने 275 रन बनाए और मैन ऑफ़ द मैच बने

जयवर्धने के अलावा तिलकरत्ने दिलशान और प्रसन्ना जयवर्धने ने भी बेहतरीन पारी खेली और शतक लगाए. श्रीलंका के वेलेगेदरा ने पहली पारी में अपनी गेंदों से भारतीय बल्लेबाज़ों को ख़ूब परेशान किया. उन्होंने चार अहम विकेट लिए.

भारत के नज़रिए से देखें तो राहुल द्रविड़ टीम के संकट मोचक बनकर उभरे. पहली पारी में भारत ने जब सिर्फ़ 32 रन पर चार विकेट गँवा दिए उस समय राहुल द्रविड़ ने 177 रनों की पारी खेली और भारत को 426 के स्कोर तक पहुँचने में अहम भूमिका निभाई.

कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने शतक लगाकर और युवराज सिंह ने अर्धशतक लगाकर भारतीय पारी की लाज बचाई.

दूसरी पारी में भारत की ओर से गौतम गंभीर और सचिन तेंदुलकर ने शतक लगाए तो सहवाग और लक्ष्मण ने अर्धशतक लगाए.

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