एक अजब जोड़ी

रोहन बोपन्ना और ऐसामुल हक़ क़ुरेशी
Image caption 2010 में भी साथ ही खेलेंगे बोपन्ना और क़ुरेशी

भारत पाकिस्तान के बीच तमाम मुश्किलों के बावजूद सरहद के आर-पार दो लोग हैं जो टेनिस का रैकट हाथ में लिए इन सब मतभेदों से बेपरवाह हैं.

टेनिस में बतौर युगल जोड़ी खेलने वाले भारत के रोहन बोपन्ना और पाकिस्तान के ऐसाम-उल-हक़ क़ुरैशी, एक अस्वभाविक जोड़ी हैं.

खेल के मैदान पर भारत और पाकिस्तान के खिलाड़ी अक़सर भारी तनाव और कड़ी प्रतिस्पर्द्धा से दो-चार होतें है. और दोनों ही देशों के प्रशंसक भारत-पाक खेल मुक़ाबलों को किसी जंग की तरह देखते हैं. ऐसे में टेनिस में भारत-पाक जोड़ी होना आसान काम नहीं.

रोहन बोपन्ना कहते हैं कि भारत और पाकिस्तान की जोड़ी होने के कारण लोगों का ध्यान तो उनकी तरफ़ जाता है लेकिन उनके लिए तो एक साथ खेलना एक बढ़िया अहसास है.

बोपन्ना तो चाहते हैं कि पाकिस्तान में भी कुछ अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट हों ताकि वो अपने दोस्त के देश में जाकर खेल सकें. बोपन्ना ये बात पहले भी कह चुके हैं और क़ुरैशी इस बात से सहमत दिखते हैं.

क़ुरैशी कहते हैं, “ये रोहन की सकारात्मक सोच है. पाकिस्तान के हालात की वजह से वहां साल-भर से सारे खेलों पर असर पड़ा है. ऐसे में पाकिस्तान के बाहर से किसी खिलाड़ी का ऐसा बयान आना अच्छा लगता है. मुझे उम्मीद है कि आने वाले वक़्त में हमारे यहां कोई बड़ा टेनिस टूर्नामेंट होगा जिसमें भारतीय खिलाड़ी हिस्सा ले पाएंगे. ”

ऐसाम के लिए किसी भारतीय के साथ जोड़ी बनाना कोई नई बात नहीं क्योंकि वो इससे पहले हर्ष माकंड, प्रकाश अमृतराज, मुस्तफ़ा ग़ौस और पुरब राजा को अपना युगल पार्टनर बना चुके हैं.

क़ुरैशी कहते हैं, “ये सभी मेरे अच्छे दोस्त हैं. इन सभी के साथ मैं अच्छा इसलिए खेल पाया क्योंकि ये सभी टेनिस कोर्ट के बाहर भी मेरे अच्छे दोस्त हैं.”

ऐसाम-उल-हक़ कहते हैं कि भाषा और संस्कृति में समानता होने के कारण उनका भारतीय जोड़ीदार के साथ तालमेल अच्छा बैठता है.

दोस्त

लेकिन रोहन बोपन्ना और कु़रैशी की दोस्ती कुछ ख़ास ही है. ये दोनों एक दूसरे को क़रीब दस साल से जानते हैं. दोनों ने जूनियर सर्किट में एक साथ काफ़ी टेनिस खेली है.

Image caption रोहन बोपन्ना भारत के लिए डेविस कप में भी खेलते हैं

ऐसाम-उल-हक़ क़ुरैशी कहते हैं, “रोहन में मेरे सबसे अच्छे दोस्त हैं. हम एक साथ घूमते हैं, फ़िल्में देखते हैं, एक-साथ डिनर पर जाते हैं. वो एक बढ़िया इंसान हैं और कई मायनों में मेरी ही तरह है.”

क़ुरैशी कहते हैं कि जब दोनों - भारत और पाकिस्तानी प्रशंसक - उनकी जोड़ी के लिए तालियां बजाते हैं तो उन्हें अच्छा लगता है.

इंडो-पाक एक्सप्रेस के नाम से मशहूर ये जोड़ी 2007 में एक साथ आई थी. इसके बाद वो भी बीच अलग-अलग पार्टनर्स के साथ भी खेले. लेकिन ऐसाम के लिए ये अलग पार्टनर भी भारतीय ही था यानि प्रकाश अमृतराज.

वो कहते हैं, “मैं हमेशा कहता आया हूं कि धर्म और राजनीति को खेल के साथ नहीं जोड़ना चाहिए. क्रिकेट को इस वजह से काफ़ी नुकसान हुआ है. बीच में दोनों देश एक साथ नहीं खेले लेकिन दोनों देशों के क्रिकेट प्रेमी चाहते थे कि वो खेलें.”

रोहन बोपन्ना और ऐसाम-उल-हक़ क़ुरैशी ने 2007 में चार और 2009 में तीन युगल टाइटल जीते हैं. ये दोनों अगले साल की शुरुआत एक साथ ऑस्ट्रेलियन ओपन से करेंगे. क़ुरेशी कहते हैं कि पिछले दो साल से ये जोड़ी अपना पूरा ध्यान युगल मुक़ाबलों पर लगा रही है. उन्हें उम्मीद है कि 2010 में वो काफ़ी अच्छा टेनिस खेलेंगे.

वैसे ऐसाम-उल-हक़ का अपने लिए जोड़ीदार चुनना हमेशा दिलचस्प रहा है. पाकिस्तान में नकारत्मक प्रतिक्रिया के बावजूद उन्होंने 2002 में इज़्राइल के अमीर हदाद के साथ अपनी जोड़ी बनाई थी.

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