फीकी रहेगी ईडेन गार्डन की रौनक

कोलकाता के ईडेन गार्डेन के इतिहास में गुरुवार को शायद पहला मौका होगा जब लगभग एक लाख की क्षमता वाला यह स्टेडियम आधे से ज़्यादा खाली होगा.

सहवाग और सचिन के बल्ले से निकले धारदार स्ट्रोक्स पर सीटियां और ढोल बजा कर उनका उत्साह बढ़ाने वाले बंगाल के क्रिकेट प्रेमी भारत और श्रीलंका के खिलाफ यहां होने वाले चौथे एक दिवसीय मैच के दौरान पहले की तरह भारी तादाद में मैदान पर नहीं होंगे.

इसलिए नहीं कि इस मैच के टिकटों की आम लोगों में मांग ही नहीं है. इसकी वजह यह है कि वर्ष 2011 में होने वाले विश्व कप मैचों की तैयारियों के सिलसिले में इस स्टेडियम में मरम्मत और पुनर्निर्माण का काम चल रहा है.

इस मैच की वजह से वह काम बीच में रोक दिया गया है.आम दर्शकों के लिए बनी चार गैलरियों के टूटे होने की वजह से अब इस स्टेडियम में लगभग 44 हज़ार लोगों के बैठने लायक सीटें ही बची हैं. और इनकी तमाम टिकटें क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ बंगाल (सीएबी) ने अपने सदस्यों और संबद्ध क्लबों में बांट दी है. क्लब हाउस की तैंतीस सौ सीटें वीआईपी के लिए सुरक्षित हैं.

नतीजतन आम लोगों के लिए इस मैच की एक टिकट भी नहीं बेची गई है. इस वजह से क्रिकेटप्रेमियों में भारी निराशा है. यही वजह है कि सदस्यों और क्लबों को मिले मुफ्त टिकटों की भारी मांग है और इनकी कालाबाज़ारी तेज हो गई है.

इन टिकटों की बिक्री से सीएबी यानी क्रिकेट एसोसिएशन आफ बंगाल को कम से कम ढाई करोड़ मिलते.

लोगों में निराशा

सीएबी के एक अधिकारी कहते हैं कि लंबे अरसे बाद यहां मैच होने की वजह से सभी टिकटों की बिक्री तय थी. गैलरियों का काम जारी रहने की वजह से ढाई करोड़ का नुकसान उठाना पड़ेगा.

इससे पहले आठ फरवरी, 2007 को यहां आखिरी एकदिवसीय मैच भी भारत और श्रीलंका के बीच ही हुआ था. लेकिन वह मैच बारिश में धुल गया था.

सीएबी के संयुक्त सचिव विश्वरूप दे कहते हैं, “इस बार आम दर्शकों के लिए हमारे पास कोई टिकट नहीं है. लेकिन विश्वकप की तैयारियों के सिलसिले में गैलरियों में पुनर्निर्माण का काम चलने की वजह से हमें इतना त्याग तो करना ही होगा. आखिर विश्वकप भी तो महत्वपूर्ण है.”

सचिन तेंदुलकर का कहना है, “ईडेन में खेलना एक यादगार अनुभव होता है. इस बार उतने दर्शक नहीं होंगे. लेकिन विश्वकप की तैयारी के लिए यह भी जरूरी है.”

लंबे अरसे के बाद इस मैदान पर कोई अंतरराष्ट्रीय मैच होने की वजह से बीते लगभग एक सप्ताह से रोजाना टिकट की उम्मीद में क्रिकेटप्रेमी स्टेडियम पहुंच रहे हैं.

लेकिन उनको निराशा ही हाथ लगती है. बारासत से बीते तीन दिनों से आ रहे शुभजीत बागची कहते हैं, “मैं किसी तरह एक टिकट की जुगाड़ में था. लेकिन सीएबी के सदस्यों और क्लबों में बांटी गई मुफ्त टिकटें ब्लैक में दो-दो हजार रुपए में बिक रही हैं. इतना खर्च करना मेरे बस की बात नहीं है.”

सुरक्षा की दिक्कत

सीएबी ने जो मुफ्त टिकटें बांटी है उन पर भी विवाद हो रहा है. दरअसल, इस बार सुरक्षा के लिहाज़ से हर गेट के लिए टिकटों के रंग अलग-अलग तय हुए थे. लेकिन दो गेटों के टिकटों का रंग एक जैसा होने की वजह से मैच के दौरान दिक्कत हो सकती है.

सीएबी के एक अन्य संयुक्त सचिव विश्वरूप दे कहते हैं कि टिकट तो सदस्यों और क्लबों के पास पहुंच गए हैं लेकिन आगे से सावधानी बरतनी होगी.

अभ्यास सत्र के साथ-साथ मैच के दिन भी खिलाड़ियों को लाने वाली बसें स्टेडियम के मुख्य द्वार पर रुकने की बजाय सीधे ड्रेसिंग रूम के पास जाएंगी.

पहले खिलाड़ी मुख्य द्वार पर बस से उतरकर पैदल चलकर ड्रेसिंग रूम तक जाते थे. कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि खिलाड़ियों को लाने वाली बसें सीधे ड्रेसिंग रूम के पास जाएंगी.

सुरक्षा एजेंसियों के अनुरोध पर सीएबी ने खिलाड़ियों की बसों को अंदर तक जाने देने के लिए स्टेडियम की बाहरी दीवार का एक हिस्सा गिरा कर रास्ता बनाया है.

ड्रेसिंग रूम से लेकर स्टेडियम के चारों ओर, टीम होटल और होटल से स्टेडियम के रास्ते में भारी तादाद में पुलिस वालों को तैनात कर दिया गया है.

कोलकाता के पुलिस आयुक्त गौतम मोहन चक्रवर्ती ने ईडेन का दौरा करने के बाद पत्रकारों से कहा कि महानगर में आतंकवादी हमले की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए हमने सुरक्षा का अचूक इंतजाम किया है.

धोनी के बाद अब अंगुली की चोट की वजह से युवराज भी इस मैच में नहीं खेल सकेंगे. इससे भारतीय खेमा मध्यक्रम को लेकर कुछ चिंतित है.

लेकिन कप्तान वीरेंद्र सहवाग कहते हैं कि भारत यह मैच जीत कर यहीं सीरीज का फैसला कर लेना चाहता है.

दूसरी ओर, धोनी और युवराज की गैरमौजूदगी का फायदा उठाते हुए श्रीलंकाई कप्तान कुमार संगकारा ईडेन में मैच जीत कर सीरीज़ में बराबरी पर लौटना चाहते हैं.

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