मुंबई हमले के बाद पहला दौरा

Image caption लाहौर में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम की बस पर चरमपंथियों ने गोलियों की बौछार कर दी थी

भारत ने 2008 के मुंबई हमले के बाद अपनी पहली खेल टीम पाकिस्तान भेजी है. भारत के जूनियर मुक्केबाज़ों की सात सदस्यीय टीम एक अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए कराची पहुँची है.

उल्लेखनीय है कि मुंबई हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंधों में कड़वाहट बढ़ गई है. इसका असर खेल टीमों के दौरों पर भी पड़ा है.

भारत मुंबई हमलों का दोष कथित तौर पर पाकिस्तान समर्थित चरमपंथी संगठनों को देता है. हमले में 174 लोग मारे गए थे.

हमले के बाद भारतीय क्रिकेट टीम पाकिस्तान दौरे पर नहीं गई थी. वज़ह बताई गई थी सुरक्षा संबंधी चिंताएँ. हालाँकि इस दौरान पाकिस्तान के टेनिस, सक़्वॉश और स्नूकर खिलाड़ियों ने भारत का दौरा किया.

मुक्केबाज़ों के दल के पाकिस्तान दौरे के बारे में भारतीय कोच शिव सिंह ने पीटीआई को बताया, "हमें सुरक्षा संबंधी कोई चिंता नहीं है. हमारा सारा ध्यान मुक्केबाज़ी पर रहेगा. बाकी़ ज़िम्मेदारी हमारे मेज़बानों की होगी."

शुक्रवार से शुरू कराची के टूर्नामेंट में भारत के संजय सिंह, नरेश सिंह और प्रणय सिंह भाग लेंगे. प्रतियोगिता में 20 टीमें भाग ले रही हैं.

कड़ी सुरक्षा

पाकिस्तानी मुक्केबाज़ी संघ के प्रमुख डोडा ख़ान भुट्टो ने पत्रकारों को बताया है कि प्रतियोगिता स्थल और उसमें भाग लेने वाली टीमों की सुरक्षा के लिए 5000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.

सुरक्षा व्यवस्था के बारे में सिंध के खेल मंत्री मोहम्मद अली शाह ने कहा, "सरकार को पता है कि हम एक लंबे अरसे के बाद इतना बड़ा अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित कर रहे हैं, और हम सुनिश्चित करेंगे कि ये निर्विघ्न और सफल आयोजन साबित हो. क्योंकि इससे भविष्य में पाकिस्तान में और बड़े खेल आयोजन कराने का रास्ता साफ़ हो सकेगा."

यहाँ ये उल्लेखनीय है कि मार्च में लाहौर में श्रीलंकाई क्रिकेट टीम चरमपंथी हमले का निशाना बनी थी. हमले में सात खिलाड़ी और कोच घायल हो गए थे.

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