फिर कोशिश नंबर एक बनने की

Image caption कोशिश नंबर एक बनने की है.

ढाका में चल रहे त्रिकोणीय एक दिवसीय मुकाबले में भारत की कोशिश जीत के साथ साथ दुनिया की नंबर एक वनडे टीम बनने की भी है.

मंगलवार को भारत का मुक़ाबला है श्रीलंका से और फ़िलहाल पलड़ा भारत की ओर झुका दिख रहा है.

हाल ही ने भारत ने अपनी पिचों पर श्रीलंका को बुरी तरह पछाड़ा है और चोटिल श्रीलंकाई टीम को ढा़का में भी हराना उसके लिए ज़्यादा मुश्किल नहीं होना चाहिए.

ख़ास बात ये भी है कि अगर भारत ढाका में श्रीलंका और बांग्लादेश के ख़िलाफ़ अच्छा प्रदर्शन करता है और उधर पाकिस्तान ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ चल रही पांच एक दिवसीय मैचों की श्रृंखला में अच्छी जीत हासिल करता है तो महेंद्र सिंह धोनी की ये टीम दुनिया की नंबर एक वनडे टीम का खिताब हासिल कर सकती है.

ढाका के लिए रवाना होने से पहले कप्तान धोनी और उपकप्तान सहवाग ने बयान दिया था कि उनकी कोशिश होगी एक दिवसीय मुक़ाबलों में जीत की रफ़्तार को बरकरार रखने की.

भारतीय टीम में सचिन तेंदुलकर नहीं हैं लेकिन युवराज सिंह की वापसी और गौतम गंभीर और सहवाग के फ़ॉर्म से उनकी बल्लेबाज़ी ख़ासी मज़बूत नज़र आ रही है.

लेकिन गेंदबाज़ी और क्षेत्ररक्षण भारत के लिए ज़रूर चिंता का विषय है.

कप्तान धोनी ने भी इस बात को स्वीकार किया है.

उनका कहना था, ``हमलोगों ने कई कैच छोड़े (श्रीलंका के ख़िलाफ़). इसे सुधारना होगा और जो भी अच्छे क्षेत्ररक्षक हैं हमारे हम उन्हें दुनिया का सबसे बेहतर क्षेत्ररक्षक बनाने की कोशिश करेंगे.’’

श्रीलंका की बल्लेबाज़ी का पूरा दारोमदार होगा तिलकरत्ने, दिलशान, उपुल थरंगा और कुमार संगकारा पर क्योंकि महेला जयवर्द्धने, जयसूर्या और एंजेलो मैथ्यूज़ टीम में नहीं हैं.

उनकी गेंदबाज़ी भी काफ़ी कमज़ोर नज़र आ रही है.

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