बिंद्रा ने दी संन्यास लेने की धमकी

अभिनव बिंद्रा
Image caption अभिनव बिंद्रा भारत को ओलंपिक में व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण दिलाने वाले पहले खिलाड़ी हैं

भारत को निशानेबाज़ी के लिए ओलंपिक में पहला व्यक्तिगत स्वर्ण पदक दिलाने वाले अभिनव बिंद्रा नेशनल राइफ़ल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (एनआरएआई) के रवैये से आहत हैं और उन्होंने कहा है कि निशानेबाज़ी में शायद उनके लिए कोई भविष्य नहीं है.

उधर, एनआरएआई ने कहा कि पूरे मसले में उसे 'बलि का बकरा' बनाया गया है और उसने कभी भी बिंद्रा को ट्रायल देने के लिए नहीं कहा.

बीजिंग ओलंपिक में सोने का तमगा जीतने वाले बिंद्रा ने कहा, "ऐसे भी दिन आए जब मुझे अपनी राइफ़ल फेंक देने की इच्छा हुई. वाक़या जुलाई से शुरू हुआ जब खेल मंत्रालय ने मुझे सूचित किया कि एनआरएआई चाहता है कि मैं राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप के लिए ट्रायल दूँ. जब मैं नवंबर में लौटा तो एनआरएआई ने मुझे बताया कि ट्रायल जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिए गए हैं."

समाचार एजेसिंयों के अनुसार एसोसिएशन के रुख़ से आहत बिंद्रा ने कहा कि अब मुझे समझ में आ गया है कि भारत को एक स्वर्ण पदक जीतने में क्यों 112 साल लग गए.

तक़रार

उन्होंने कहा, "अब मुझे पता चला है कि फ़रवरी में होने वाली राष्ट्रमंडल निशानेबाज़ी चैंपियनशिप के लिए टीम में मेरा नाम ही नहीं है. मैं इस बात से दुखी नहीं हूँ कि चैंपियनशिप में मेरी जगह किसी और को मौका मिलेगा, मैं प्रक्रिया को लेकर आहत हूँ."

27 वर्षीय बिंद्रा दिल्ली में इसी साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और चीन में एशियाई खेलों की तैयारियों के लिए पिछले छह महीने से विदेश में प्रशिक्षण ले रहे हैं.

बिंद्रा ने एनआरएआई पर बरसते हुए कहा, "उन्होंने पहले मुझे राष्ट्रमंडल खेलों के कोर ग्रुप से अलग रखा, फिर उन्होंने मुझे प्रायोजक भी नहीं दिए और अब मैं राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप टीम में भी नहीं हूँ."

उन्होंने कहा कि वे एनआरएआई के रवैये से हैरान हैं. बिंद्रा ने कहा, "मैंने कभी एनआरएआई के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कहा. मैं ये नहीं कह रहा हूँ कि मैं जवाबदेह नहीं होना चाहता. मैं अंतरराष्ट्रीय मुक़ाबलों में शिरकत करूँगा और उनमें मेरे प्रदर्शन का आकलन किया जा सकता है"

अभिनव बिंद्रा ने शनिवार को पत्रकारों से कहा कि वे खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं.

उन्होंने कहा, "मैं अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूँ और खुद को बेवजह के मुद्दों को दूर रखना चाहता हूँ."

उधर, एनआरएआई ने बिंद्रा के आरोपों को ग़लत बताया और कहा कि एसोसिएशन ने बिंद्रा को ट्रायल के बारे में कुछ नहीं कहा.

एनआरएआई के सचिव राजीव भाटिया ने कहा, "मुझे नहीं पता बिंद्रा एसोसिएशन पर आरोप क्यों लगा रहे हैं. खेल मंत्रालय ने ही उनसे ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए कहा था. इसके लिए हमें कैसे दोषी ठहराया जा सकता है."

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