भारतीय हॉकी फिर विवादों में

Image caption विश्व कप हॉकी के मुक़ाबले 28 फ़रवरी से दिल्ली में खेले जाने हैं

भारतीय हॉकी एक बार फिर विवादों में घिर गई है. शनिवार को चंडीगढ़ में प्रस्तावित प्रदर्शनी मैच के आयोजकों का आरोप है कि कप्तान राजपाल सिंह समेत तीन सीनियर खिलाड़ियों ने मैच खेलने की ऐवज में पाँच करोड़ रुपये की माँग की है.

हालाँकि राजपाल सिंह ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है. उन्होंने कहा कि ये मैच हॉकी को बढ़ावा देने के लिए खेला जा रहा है और पैसे मांगने के आरोप सरासर ग़लत हैं.

एएमआर फाउंडेशन ने चंडीगढ़ में बॉलीवुड और टेलीविज़न सितारों का भारतीय हॉकी टीम के साथ प्रदर्शनी मैच आयोजित किया है.

आयोजन समिति के सदस्य हरदीप संधू ने दावा किया है कि राजपाल सिंह, दीपक ठाकुर और प्रभजोत सिंह के नेतृत्व में हॉकी खिलाड़ी प्रदर्शनी मैच में हिस्सा लेने के लिए पाँच करोड़ रुपये की माँग कर रहे हैं.

आरोप

समाचार एजेंसी पीटीआई ने संधू के हवाले से कहा, "एएमआर फाउंडेशन ने प्रदर्शनी मैच के लिए 22 खिलाड़ियों को आमंत्रित किया था. शुक्रवार को जब आयोजकों का एक प्रतिनिधि दिल्ली में खिलाड़ियों को एयर टिकट देने के लिए गया तो खिलाड़ियों के एक गुट ने प्रतिनिधि से कहा कि उन्हें इन टिकटों की ज़रूरत नहीं है क्योंकि उन्हें ये मैच खेलने की ऐवज में कुछ नहीं मिल रहा है."

राजपाल सिंह ने मीडिया से बातचीत में इन आरोपों को खा़रिज़ कर दिया. उन्होंने कहा कि आयोजकों से पैसे की माँग नहीं की गई है और ये आरोप उनके ख़िलाफ़ साजिश हैं.

राजपाल ने कहा, "हमारा मक़सद भारतीय हॉकी को बढ़ावा देना है और चंडीगढ़ में प्रदर्शनी मैच के लिए सहमति देने के पीछे एकमात्र वजह भी यही थी."

उन्होंने कहा कि पहले इस मामले में आयोजन समिति से स्पष्टीकरण माँगा जाएगा, इसके बाद ही प्रदर्शनी मैच खेलने के बारे में फ़ैसला लिया जाएगा.

इस बीच, तीन बार के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता बलवीर सिंह ने 28 फ़रवरी से शुरू हो रही विश्व कप हॉकी से ठीक पहले भारतीय हॉकी टीम के प्रदर्शनी मैच खेलने के औचित्य पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा, "ये बेतुकी बात है. इससे अहम टूर्नामेंट से पहले कुछ खिलाड़ियों को चोट भी आ सकती है."

हालाँकि हॉकी इंडिया के सचिव नरेंद्र बत्रा ने खिलाड़ियों का बचाव किया. उन्होंने कहा, "खिलाड़ियों का दो दिन का अवकाश है. अब ये मुख्य कोच होसे ब्रासा पर है कि वे खिलाड़ियों को प्रदर्शनी मैच खेलने की इजाज़त देतें हैं कि नहीं. हॉकी इंडिया ऐसे मामलों में दखल नहीं देता."

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