तेंदुलकर ने फिर रचा इतिहास

सचिन तेंदुलकर
Image caption भारत-दक्षिण अफ़्रीका के बीच ग्वालियर में दूसरा एकदिवसीय मैच खेला जा रहा है.

क्रिकेटर और क्रिकेट प्रशंसक जिसे शायद सपने में ही सोचते हैं वह सचिन तेंदुलकर ने ग्वालियर में कर दिखाया.

रिकॉर्डों के बादशाह तेंदुलकर ने ग्वालियर में इतिहास लिखते हुए वनडे क्रिकेट की दुनिया का पहला दोहरा शतक ठोंका.

इस दौरान तेंदुलकर ने 147 गेंदों का सामना किया और 25 चौके और तीन छक्के लगाए.

इसके साथ ही उन्होंने लगभग 13 साल पुराना एक रिकॉर्ड भी तोड़ा और वो है वनडे के सर्वोच्च स्कोर का. पहले यह पाकिस्तान के सईद अनवर (194 रन) के नाम था.

तेंदुलकर दो सौ रन बनाकर और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 68 रन बनाकर नाट आउट रहे.

दक्षिण अफ़्रीका की ओर से परनेल सबसे अधिक सफल गेंदबाज़ रहे जिन्होंने वीरेंदर सहवाग और कार्तिक को पैवेलियन पहुँचाया. उनके अलावा वैन डर मरवे को एक विके मिला.

दक्षिण अफ़्रीका की पारी

भारत ने दक्षिण अफ़्रीका के सामने जीत के लिए 402 रन का लक्ष्य रखा था लेकिन दक्षिण अफ़्रीका की पूरी टीम 248 रन बनाकर आउट हो गई. इस तरह यह मैच भारत ने 153 रन के बड़े अंतर से जीत लिया है.

दक्षिण अफ़्रीका की ओर डी विलियर्स और हाशिम अमला के अलावा कोई भी बल्लेबाज़ भारतीय गेंदबाज़ों के टिककर नहीं खेल पाया. डी विलियर्स ने1 14 बनाकर नाट आउट रहे और अमला ने 34 रन बनाए.

परनेल 18 रन, बाउचर 14 रन, कालिस 11रन, पिटरसन ने नौ रन और गिब्स ने सात रन का योगदान दिया.

वहीं स्टेन और जेपी डुमनी तो अपना खाता भी नहीं खोल पाए.

भारत की ओर से सबसे अधिक विकेट श्रीसंत को मिले. उन्होंने तीन बल्लेबाज़ों को पैवेलियन का रास्ता दिखाया.

उनके अलावा आशीष नेहरा को दो, यूसुफ़ पान को दो, रविंद्र जडेजा को दो विकेट मिला लेकिन प्रवीण कुमार को एक विकेट से ही संतोष करना पड़ा.

सचिन की शानदार पारी

सचिन तेंदुलकर ने पहले तो ताबड़तोड़ ढंग से 90 गेंदों में शतक पूरा किया और फिर जैसे उसी बल्लेबाज़ी को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने सईद अनवर के 194 रन के रिकॉर्ड को तोड़ दिया.

आज सचिन की पारी को देखकर लग रहा था जैसे बल्ले से निकला हर शॉट कह रहा हो- रोक सको तो रोक लो.

भारत ने टॉस जीता था और सचिन के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे थे वीरेंदर सहवाग मगर वो सिर्फ़ नौ रन बनाकर आउट हो गए.

उसके बाद दिनेश कार्तिक ने सचिन का बख़ूबी साथ निभाया और वो 79 रन बनाकर आउट हुए.कार्तिक का कैच परनेल की गेंद पर हर्शल गिब्बस ने पकड़ा.

कार्तिक ने चार चौके और तीन छक्के जमाए.

फिर आए यूसुफ़ पठान और भारत ने बैटिंग पावरप्ले उसी समय लिया. भारत ने उन पाँच ओवरों में धुआँधार 63 रन बना लिए.

इसके बाद पठान 36 रनों के निजी स्कोर पर आउट हो गए.

मगर इस पूरे दौरान एक तरफ़ से रनों की नदी बहे चले जा रही थी. तेंदुलकर के बल्ले से इतनी आसानी से रन निकल रहे थे कि लगा ही नहीं जैसे दक्षिण अफ़्रीका के पास उनकी पारी का कोई जवाब था.

ज़िम्मेदार साथी

तेंदुलकर का असर उनके साथी बल्लेबाज़ों पर भी दिखा क्योंकि दिनेश कार्तिक, यूसुफ़ पठान और उसके बाद महेंद्र सिंह धोनी ने भी भारत के स्कोर को तेज़ी से आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

सहवाग के आउट होने के बाद सचिन और कार्तिक पारी को संभाला. तेंदुलकर ने अपना अर्धशतक 37 गेंदों का सामना करते हुए पूरा किया.

पारी की शुरुआत सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग ने की पर सहवाग चौथे ओवर में केवल नौ रन बनाकर परनेल की गेंद पर आउट हुए.

दक्षिण अफ़्रीकी टीम में हाशिम अमला को शामिल किया गया है. टेस्ट सिरीज़ में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है. वे गिब्स के साथ मिलकर पारी की शुरुआत करेंगे. ऑल राउंडर मॉर्कल की जगह जेपी डूमिनी को लिया गया है.

भारत ने जयपुर में खेले गए पहले वनडे मैच में एक रन से जीत हासिल की थी.

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