करुण चंडोक से बातचीत

करुण चंडोक
Image caption नारायण कार्तिकेयन के बाद करुण चंडोक हाल ही में फ़ॉर्मूला वन में रेस करने करने वाले दूसरे भारतीय ड्राईवर हैं.

नारायण कार्तिकेयन के बाद हाल ही में करुण चंडोक फ़ॉर्मूला वन में रेस करने वाले दूसरे भारतीय ड्राइवर बने.

बहरीन में पहली ग्रां प्री में भाग लेने के बाद करुण चंडोक पिछले दिनों भारत आए जब उनसे बीबीसी की निवेदिता चंद्रू ने की बात-चीत.

करुण चंडोक को फ़ॉर्मूला वन का हिस्सा बनने का मौका दिया नई टीम हिस्पेनिया रेसिंग टीम ने. ये टीम 2010 सीज़न शुरु होने से कुछ दिन पहले ही बनी थी, इसलिए टीम को प्री सीज़न कार टेस्टिंग का मौका नहीं मिल पाया.

बहरीन में अपने करियर की पहली रेस से पहले करुण रेस पूरी नहीं कर पाए. लेकिन करुण निराश नहीं है बल्कि उन्होंने इससे सीख ली है.

करुण कहते हैं, “सबसे पहले तो हमें कार की विश्वसनीयता बेहतर करनी है ताकि हम क्वालिफ़ाई कर सके और रेस पूरी कर सके. फिर इसके बाद बार्सिलोना ग्रां प्री से हमारा ध्यान प्रदर्शन बेहतर करने पर होगा.”

मेलबर्न में इस सप्ताहंत में सीज़न की दूसरी रेस यानि ऑस्ट्रेलियन ग्रां प्री की तैयारियों के बारे में करुण कहते हैं, “हमारी कोशिश रहेगी कि प्रैक्टिस के दौरान जितना हो सके कार के बारे में सीखें और रेसिंग का तजुर्बा हासिल करें.”

भारतीयों के क्रिकेट प्रेम के बारे में करुण कहते हैं, “भारत में क्रिकेट की लोकप्रियता का असर दूसरे सभी खेलों पर पड़ता है. लेकिन फिर भी भारत में एफ़ वन की लोकप्रियता बढ़ रही है. पिछले साल मैं स्टार स्पोर्ट्स के लिए कॉमेंटरी कर रहा था और मैं जानता हूं कि उस चैनल पर अकेले भारत में एफ़ वन की व्यूअरशिप बाकी एशिया से ज़्यादा है. तो कह सकते हैं कि भारत में भी एफ़ वन के फ़ैन्स की संख्या बढ़ रही है.”

तो क्या भारत फ़ॉर्मूला वन रेस की मेज़बानी के लिए तैयार है ? फ़ॉर्मूला वन के अध्यक्ष बर्नी एक्लस्टोन कह भी चुके हैं कि दो हज़ार ग्यारह में भारत में फ़ॉर्मूला वन ग्रां प्री होगी. इस बारे में करुण कहते हैं, “अगर हम क्रिकेट वर्ल्ड कप या हॉकी वर्ल्ड कप की मेज़बानी के लिए तैयार हैं, तो फ़ॉर्मूला वन क्यों नहीं.”

भारत की एकमात्र फ़ॉर्मूला वन टीम फ़ोर्स इंडिया है जिसके मालिक उद्योगपति विजय मालया है. फ़ोर्स इंडिया के बारे में करुण कहते हैं, “ वो एक अच्छी टीम है, पिछले कुछ सालों में उनके प्रर्दशन में काफ़ी सुधार हुआ है. भले ही मैं भी भारतीय हूं और उस टीम का नाम फ़ोर्स इंडिया है, लेकिन मेरे लिए वो सिर्फ़ एक और टीम है.”

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