मुश्किल में है क्रिकेट का मक्का

दुनिया में क्रिकेट का मक्का माने जाने वाले लंदन के लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान को आर्थिक सहयोगी की तलाश है.

लॉर्डस मैदान में पुनर्निर्माण की योजना है जिसमें लाखों डॉलर की आवश्कता है.

लॉर्ड्स की ओर से क्रिकेट खेलने वाले देशों भारत और ऑस्ट्रेलिया के बिज़नेस अख़बारों में विज्ञापन दिया जा रहा है.

साथ ही चीन, अमरीका और सिंगापुर में भी ये विज्ञापन जारी करने की योजना है.

लेकिन मेरिलेबॉन क्रिकेट कलब (एमसीसी) ने स्पष्ट किया है कि मैदान के नाम को बेचे जाने की कोई योजना नहीं है.

एक अधिकारी का कहना था कि ये 'अपनी आत्मा को बेचने' जैसा होगा.

दरअसल इस बात को आशंका व्यक्त की जा रही थी कि जिन प्रायोजकों के हाथ में इस स्टेडियम की बागडोर जाएगी, वे इसका नाम बदल सकते हैं.

बदलाव की योजना

लॉर्ड्स मैदान में भारी बदलाव किए जाने की योजना है.

इसकी क्षमता 28500 से बढ़ाकर 40 हज़ार की जाएगी.

साथ ही इसमें आधुनिक तकनीक से सुसज्जित क्रिकेट अकादमी, शॉपिंग सेंटर और एक रिहाइशी अपार्टमेंट स्थापित करने की योजना है.

उल्लेखनीय है कि भारत का लॉर्ड्स से विशेष रिश्ता रहा है.

वर्ष 1983 में कपिल देव की टीम ने विश्व कप जीतकर भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक सुनहरा अध्याय लिखा था.

लॉर्ड्स के मैदान पर खेले गए फ़ाइनल में भारत ने दो बार की विजेता वेस्टइंडीज़ को हराया था.

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