आईपीएल से थकान: धोनी

महेंद्र सिंह धोनी
Image caption धोनी का कहना है कि खिलाड़ियों को अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए

आईसीसी वर्ल्ड ट्वेंटी 20 की दौड़ से बाहर होने के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा है कि अगर खिलाड़ी अपनी सेहत का ध्यान नहीं रखेंगे तो आईपीएल एक 'थकाने वाला अनुभव' हो सकता है.

हालांकि धोनी ने टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के लिए सीधे तौर पर इंडियन प्रीमियर लीग को तो ज़िम्मेदार तो नहीं ठहराया लेकिन इतना ज़रुर कहा कि आईपीएल के व्यस्त कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों को अपनी ‘सेहत का ख़्याल’ रखना चाहिए.

धोनी ने कहा,''आईपीएल में आप देर रात तक खेलते हैं और उसके बाद पार्टी में जाते हैं, फिर देर से वापस लौटते हैं. अगले दिन यात्रा करनी पड़ती है. इन सबका आपके शरीर पर असर पड़ता है. खिलाड़ियों को स्मार्ट बनना होगा. उन्हें अपने शरीर की क्षमताओं का सम्मान करना होगा नहीं तो आईपीएल काफ़ी थकाने वाला अनुभव हो सकता है.''

धोनी के इस बयान से तो लगता है कि टीम के लिए आईपीएल ‘थकाने वाला अनुभव’ रहा था.

धोनी ने कहा कि आईपीएल कई युवा खिलाड़ियों को विकास में सहायक सिद्ध हुई है.

धोनी ने कहा,''अगर आप देखें तो पिछले तीन वर्षों में सुरेश रैना, रोहित शर्मा और रविंद्र जडेजा जैसे खिलाड़ी टीम में आए हैं. इन सभी ने आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन किया है. आईपीएल ने युवा खिलाड़ियों को तराशने का काम किया है.''

भारतीय क्रिकेट टीम ने 2007 में हुआ पहला आईसीसी वर्ल्ड टी-20 टूर्नामेंट जीता था. 2007 में महेंद्र सिंह धोनी पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी कर रहे थे और इस जीत के बाद वो सारे देश के हीरो बन गए थे.

लेकिन इसके बाद हुए दोनों आईसीसी वर्ल्ड टी-20 टूर्नामेंटों में भारत आख़िरी चार में भी नहीं पहुंच पाया है.

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