पेनल्टी लेने के नियम में बदलाव

पेनल्टी लेते समय फ़ुटबॉल खिलाड़ियों को अब रन-अप( दौड़) पूरा होने के बाद अचानक रुकने की अनुमति नहीं होगी.

खिलाड़ी अकसर ऐसा करते हैं ताकि गोलकीपर को भ्रमित किया जा सके.

अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड (आईएफ़एबी) का कहना है कि ये खेल भावना के ख़िलाफ़ है और विश्व कप में ऐसा करने से पीला कार्ड मिलेगा.

फ़ीफ़ा ने कहा है," पेनल्टी किक से पहले रन-अप (यानी दौड़ लगाना)को लेकर भ्रमित करने के अनुमति है लेकिन एक बार जब खिलाड़ी ने अपनी दौड़ पूरी कर ली है तो ये बॉल को किक करने का दिखावा करना ग़लत है. अगर खिलाड़ी ऐसा करते हैं और गोल हो जाता है तो उन्हें दोबारा किक लेनी होगी."

आईएफ़एबी ने मैदान पर चौथे अधिकारी को भी ज़्यादा अधिकार देने का फ़ैसला किया है.

चौथे अधिकारी का काम आमतौर पर मैदान पर खेल रहे खिलाड़ियों की जगह अतिरिक्त खिलाड़ी के आने और मैदान के बाहर खिलाड़ियों के बर्ताव पर नज़र रखना होता है. लेकिन अब वो मैदान पर होने वाले घटनाक्रम पर भी फ़ैसला ले सकता है.

सहायक रेफ़री के इस्तेमाल का फ़ैसला स्वैच्छिक होगा.

अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल एसोसिएशन बोर्ड में गर्वनिंग बॉडी फ़ीफ़ा, इंग्लैंड फ़ुटबॉल एसोसिएशन, स्कॉटिश फ़ुटबॉल एसोसिएशन,

फ़ुटबॉल एसोसिएशन ऑफ़ वेल्स और नॉर्थन आयरलैंड की आयरिश फ़ुटबॉल एसोसिएशन शामिल है.

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