महान पेले का उदभव

1958 के विश्व कप की मेजबानी मिली स्वीडन को. पहली बार इस विश्व कप में सोवियत संघ ने हिस्सा लिया और पहली बार ही ग्रेट ब्रिटेन के सभी देशों- इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड, ने हिस्सा लिया.

इस बार प्रतियोगिता के स्वरूप में फिर थोड़ा बदलाव हुआ. 16 टीमों ने विश्व कप के लिए क्वालीफ़ाई किया.

लेकिन इस बार ये तय किया गया कि सभी टीमें अपने ग्रुप में कम से कम एक बार सभी टीमों से खेलेंगी.

इस बार ग्रुप मैच ड्रॉ होने की सूरत में अतिरिक्त समय देने का प्रावधान ख़त्म कर दिया गया. पहली बार विश्व कप के मैचों का सीधा प्रसारण टीवी पर हुआ.

इस विश्व कप की एक और ख़ासियत थी- ब्राज़ील के स्टार खिलाड़ी पेले का उदभव.

इस विश्व कप से अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले पेले ने अगले कई वर्षों तक फ़ुटबॉल की दुनिया में राज किया. इस विश्व कप में पेले ब्राज़ील के आख़िरी ग्रुप मैच से पहले तक नहीं खेल पाए थे.

सोवियत संघ के ख़िलाफ़ मैच में पेले को उतारा तो गया, लेकिन वे स्कोर कर पाने में नाकाम रहे. हालाँकि ब्राज़ील ने यह मैच 2-0 से जीत लिया.

इसी ग्रुप के एक प्ले ऑफ़ मैच में सोवियत संघ ने इंग्लैंड को हराकर प्रतियोगिता से बाहर कर दिया. मेजबान स्वीडन के कोच थे इंग्लैंड के जॉर्ज रेनॉर.

विजेता

उन्होंने पहले ही ये भविष्यवाणी कर दी थी कि उनकी टीम फ़ाइनल में ज़रूर पहुँचेगी. अपने पहले मैच में स्वीडन ने मैक्सिको को 3-0 से हराया.

इसके बाद हंगरी, सोवियत संघ और फिर सेमी फ़ाइनल में पश्चिम जर्मनी को हराकर स्वीडन ने फ़ाइनल में जगह बनाई.

दूसरे सेमी फ़ाइनल में ब्राज़ील की भिड़ंत हुई फ़्रांस से. दर्शकों को एक ज़बरदस्त मैच देखने को मिला.

पेले भी शानदार फ़ॉर्म में थे. उन्होंने हैट-ट्रिक लगाई और ब्राज़ील ने फ़्रांस को 5-2 से मात दी. फ़्रांस की ओर से दोनों गोल मारे ज़ुस्ट फ़ोन्टेन ने. जिन्होंने इस विश्व कप में कुल 13 गोल मारे, जो आज भी विश्व रिकॉर्ड है.

फ़ाइनल में ब्राज़ील और स्वीडन की टीमें आमने-सामने थी. चौथे मिनट में ही स्वीडन ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली.

पेले और वावा के दो-दो गोलों की बदौलत ब्राज़ील ने आख़िरकार 5-2 से जीत हासिल कर पहली बार विश्व कप के ख़िताब पर क़ब्ज़ा कर लिया.

संबंधित समाचार