ब्राज़ील ने फिर दिखाया दम

लगातार दो बार यूरोप में विश्व कप आयोजित कराने के बाद फ़ीफ़ा ने 1962 में विश्व कप की मेजबानी दक्षिणी अमरीकी देश को देने का फ़ैसला किया.

यहाँ मुक़ाबला था अर्जेंटीना और चिली में. 1960 में चिली में ज़बरदस्त भूकंप आया था और हज़ारों लोग मारे गए थे. लेकिन चिली के उत्साह में कोई कमी नहीं थी.

चिली में फ़ुटबॉल एसोसिएशन के अध्यक्ष डिटबॉर्न की भावुक अपील का असर पड़ा और चिली को मेजबानी का मौक़ा मिला या यों कहें कि भूकंप के बाद स्टेडियम के निर्माण के साथ पुनर्निर्माण का काम शुरू हुआ.

चार साल पहले ख़िताब जीतने वाली ब्राज़ील की टीम इस बार भी ख़िताब की प्रबल दावेदार थी. ब्राज़ील की टीम में कोई ख़ास बदलाव नहीं हुआ था.

ये ज़रूर था कि पेले अब 21 साल के हो गए थे और उनकी प्रतिभा में दिनों-दिन निखार आ रहा था. उनके साथ गरिंचा जैसे खिलाड़ी भी ब्राज़ील की शोभा बढ़ा रहे थे.

अपने ग्रुप में ब्राज़ील का प्रदर्शन शुरू से ही शानदार रहा. लेकिन इसके लिए उसे क़ीमत भी चुकानी पड़ी. ब्राज़ील के पहले मैच से ही पेले ज़बरदस्त फ़ॉर्म में थे.

लेकिन चेकोस्लोवाकिया के ख़िलाफ़ मैच में पेले घायल हो गए. मैच तो ड्रॉ रहा लेकिन पेले के जांघ की मांसपेशियाँ खिंच गईं. पेले इसके बाद कोई मैच नहीं खेल पाए.

उनकी जगह एमारिल्डो को टीम में शामिल किया गया. एमारिल्डो ने अपने खेल से सबका ध्यान खींचा और उन्हें 'ह्वाइट पेले' तक कहा गया. साथ ही गरिंचा और वावा पर भी टीम की ज़िम्मेदारी आ पड़ी, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया भी.

प्रदर्शन

मेजबान चिली और इटली के बीच हुआ मैच काफ़ी चर्चित हुआ. लेकिन शानदार प्रदर्शन के कारण नहीं बल्कि मैदान में घटी घटनाओं के कारण.

खिलाड़ी एक-दूसरे से खूब उलझे. इटली के दो खिलाड़ियों को मैदान से बाहर भी किया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. मेजबान चिली ने यह मैच 2-0 से जीत तो लिया लेकिन सैंटियागो में हुआ यह मैच ग़लत कारणों से चर्चा में रहा.

क्वार्टर फ़ाइनल में मेजबान चिली ने सोवियत संघ को हराकर एक बड़ा उलटफेर किया. एक अन्य क्वार्टर फ़ाइनल मैच में गरिंचा के शानदार खेल की बदौलत ब्राज़ील ने इंग्लैंड को 3-1 से पीटा.

यूगोस्लाविया ने जर्मनी को हराया तो चेकोस्लोवाकिया ने हंगरी को प्रतियोगिता से बाहर किया. सेमी फ़ाइनल में चेकोस्लोवाकिया ने यूगोस्लाविया को 3-1 से मात दी तो ब्राज़ील ने मेजबान चिली को 4-2 से हराकर लगातार फ़ाइनल में जगह बनाई.

फ़ाइनल में ब्राज़ील और चेकोस्लोवाकिया आमने-सामने थे. एक बार फिर ब्राज़ील की टीम 1-0 से पिछड़ गई.

लेकिन उन्होंने मैच में फिर वापसी की. ब्राज़ील ने तीन गोल करके मैच 3-1 से जीत लिया और लगातार दूसरी बार विश्व कप का ख़िताब अपने नाम किया वो भी अपने स्टार खिलाड़ी पेले की अनुपस्थिति में.

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