विश्व कप टिकटों के लिए मारामारी

जैसे-जैसे विश्व कप नज़दीक आता जा रहा है, मैचों के बचे हुए टिकटों के लिए मारामारी बढ़ती जा रही हैं. जोहानेसबर्ग में भी यही आलम है.

फ़ीफ़ा के टिकट कार्यालय के बाहर लंबी कतार लगी हुई है और लोग घंटों तक टिकट के लिए इंतज़ार कर रहे हैं.

लोग यूरोप के हों, अफ़्रीका के, दक्षिण अमरीकी देशों के या फिर स्थानीय भारतीय मूल के लोग, सभी अपनी पसंदीदा टीमों के मैचों के टिकट पाने की होड़ में लगे हुए हैं.

घंटों तक इंतज़ार करने वाले कुछ लोगों को उम्मीद है कि देर भले हो, वे दुरुस्त आएँगे यानी उन्हें टिकट ज़रूर मिलेगा. घाना की समर्थक एलिसा को तो यक़ीन ही नहीं हो रहा है कि उन्हें इंतज़ार का इतना मीठा फल मिला है.

एलिसा कहती हैं, "मुझे ये सोचकर ही काफ़ी ख़ुश हो रही हूँ कि मुझे स्टेडियम में जाकर मैच देखने का मौक़ा मिलेगा. मैं घाना के साथ-साथ दक्षिण अफ़्रीका का समर्थन करती हूँ. मैं उम्मीद करती हूँ कि दक्षिण अफ़्रीका ये मैच जीत जाए."

बफ़ाना-बफ़ाना

फ़ीफ़ा के टिकट कार्यालय के बाहर खड़े एक सुरक्षाकर्मी ने बताया बफ़ाना-बफ़ाना का मतलब.

Image caption एलिसा विश्व कप मैचों का टिकट पाकर बेहद खुश हैं

दरअसल दक्षिण अफ़्रीका की टीम को बफ़ाना कहा जाता है. वैसे बफ़ाना का मतलब होता है--लड़के.

इस सुरक्षाकर्मी ने यह भी बताया कि कैसे पिछले साल से यहाँ बड़ी संख्या में लोग टिकट ख़रीदने आ चुके हैं.

देश-दुनिया से लोग यहाँ सुबह से ही कतारों में खड़े होते हैं, यहाँ लंबे समय तक इंतज़ार करते हैं और टिकट मिलने के बाद उनकी ख़ुशी देखने लायक़ होती है.

जोहानेसबर्ग की निकोला इस आयोजन को दक्षिण अफ़्रीका के लिए नाक की बात मानती हैं. वे कहती हैं कि हम दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि हम सर्वश्रेष्ठ हैं.

निकोला कहती हैं, " दक्षिण अफ़्रीका के लिए यह बड़ा मौक़ा है. ये दिखाने का कि न सिर्फ़ वे इतनी बड़ी प्रतियोगिता का आयोजन कर सकते हैं बल्कि उनकी टीम सर्वश्रेष्ठ भी बन सकती है."

भारतीय मूल के रियाज़ सिर्फ़ तीन टीमों को दावेदार मान रहे हैं. पहली टीम दक्षिण अफ़्रीका, दूसरी टीम अर्जेंटीना, तीसरी टीम इटली और चौथी टीम कोई नहीं.

दक्षिण अफ़्रीका के इस फ़ुटबॉल मेले ने दुनियाभर के फ़ुटबॉल प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित किया है.

लेकिन नाइजीरिया और उत्तर कोरिया के बीच वॉर्म मैच के दौरान मची भगदड़ ने आयोजकों को सचेत भी किया है.

हालाँकि बड़ा हादसा होते-होते रह गया, लेकिन दक्षिण अफ़्रीका को अपनी नाक बचानी है, तो ऐसे हादसों को रोकना होगा.

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