सेक्स, शराब और ट्विटर से दूरी

विश्व कप फ़ुटबॉल
Image caption चिली के खिलाड़ियों से कहा गया है कि वे सेक्स नहीं कर सकते, ट्विटर का इस्तेमाल नहीं कर सकते, रात में इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर सकते

विश्व कप जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में हर टीम अपना सर्वस्व दाँव पर लगाना चाहती है. क्योंकि ये मौक़ा बार-बार नहीं आता. इसलिए टीम के मुखिया यानी मैनेजर गाहे-बगाहे खिलाड़ियों को सीमा में रहने और व्यवहार करने की सलाह देते हैं.

अब स्पेन की टीम को ही ले लीजिए. उनसे कहा गया है कि वे सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर से दूर रहें. टीम प्रबंधन को लगता है कि खिलाड़ी ट्विटर का इस्तेमाल करके कुछ ऐसा न कर दें जिससे नुक़सान हो जाए.

हालाँकि कई खिलाड़ी इससे इत्तेफ़ाक नहीं रखते और कहते हैं कि उन्हें अच्छे-बुरे का ज्ञान है. लेकिन चिली के कोच ने तो हद ही कर दी है. अपने खिलाड़ियों को सीमा में रखने की कोशिश के तहत उन्होंने उन्हें कई हिदायतें दी है.

आप भी इस सूची पर नज़र डालिए. खिलाड़ियों से कहा गया है कि वे सेक्स नहीं कर सकते, ट्विटर का इस्तेमाल नहीं कर सकते, रात में इंटरनेट का इस्तेमाल नहीं कर सकते और प्रेस से बात नहीं कर सकते.

अब इतनी पाबंदियों के बाद उनके खिलाड़ी विश्व कप में क्या करते हैं, ये तो देखने वाली बात होगी.

ब्राज़ील के कोच डूंगा ने खिलाड़ियों को परिवार और मित्रों से दूर रहने को कहा है लेकिन उन्होंने सेक्स पर पाबंदी नहीं लगाई है. ख़िताब जीतने पर कपड़े उतारने की बात कह चुके अर्जेंटीना के कोच माराडोना ने भी खिलाड़ियों के लिए सेक्स पर पाबंदी नहीं लगाई है, लेकिन इसके लिए सीमा निर्धारित की है. हाँ, उन्होंने खिलाड़ियों को शराब न पीने को कहा है.

पुर्तगाल के कोच कार्लोस क्विरोज़ ने भी अपने खिलाड़ियों से शराब न पीने को कहा है. अब देखना ये है कि खिलाड़ी मैदान पर कैसा प्रदर्शन करते हैं.

हाथी ने रोका रास्ता

अमरीकी टीम ने विश्व कप से पहले कड़ा अभ्यास किया है लेकिन पिछले दिनों अभ्यास के दौरान टीम के सामने बड़ा अवरोध आ गया.

Image caption पुर्तगाल के कोच कार्लोस क्विरोज़ ने अपने खिलाड़ियों से शराब न पीने को कहा है

ये अवरोध मौसम या किसी तकनीकी कारणों से नहीं, बल्कि एक हाथी के कारण हुआ. दरअसल अपने आप को साबित करने की होड़ में लगी अमरीकी टीम इस विश्व कप में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है.

हुआ ये कि रस्टेनबर्ग में अभ्यास के लिए अपने होटल से निकली टीम का रास्ता किसी और ने नहीं एक हाथी ने रोक लिया.

टीम को हाथी से सड़क से निकल जाने का इंतज़ार करना पड़ा. और तो और ये पहली नहीं दूसरी बार ऐसा हुआ. अमरीकी टीम को तो यही सलाह है कि दुनिया के बेहतरीन स्ट्राइकरों से बच निकलने के अलावा हाथियों से बचने की रणनीति पर भी वे काम करना शुरू कर दें.

भले ही इस विश्व कप में उन्हें बड़ा दावेदार नहीं माना जा रहा, लेकिन उलटफेर करने में सक्षम कई अमरीकी टीम आकलनों को झूठा साबित कर सकती है.

पहला रेड कार्ड

Image caption फ़्रांस और उरुग्वे का मैच बराबरी पर छूटा और उम्मीद के विपरीत रोमांचक नहीं रहा

दक्षिण अफ़्रीका में धूम धड़ाके के साथ विश्व कप फ़ुटबॉल शुरू हो चुका है. अब सारा ध्यान मैदान पर है. टीम और खिलाड़ियों के आकलन और विश्लेषण का काम शुरू हो चुका है.

मैनजरों की खिंचाई हो रही है, फ़ैसलों पर सवाल शुरू हो गए हैं और खिलाड़ियों की भी ऐसी-तैसी शुरू हो चुकी है.

पहला मैच 1-1 से बराबरी पर छूटा तो दूसरा मैच भी गोल रहित रहा. फ़्रांस और उरुग्वे के ख़िलाफ़ मैच में लोगों को फ़्रांसीसी टीम से काफ़ी उम्मीदें थी, लेकिन उम्मीदें धरी की धरी रह गई.

फ़्रांस के सामने औसत सी लगने वाली टीम उरुग्वे ने फ़्रांस को एक भी गोल नहीं करने दिया, जो उनके लिए राहत की बात थी. लेकिन इस मैच के दौरान उरुग्वे के खिलाड़ी निकोलस लोडेरो को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया गया.

मैच के 81 मिनट में फ़ाउल करने के कारण लोडेरो को ये सज़ा मिली, तो इस विश्व कप में पहला रेड कार्ड पाने वाले खिलाड़ी बने हैं लोडेरो.

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