थम नहीं रहा है वुवुज़ेला पर बवाल

वुवुज़ेला

वुवुज़ेला पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है. विश्व कप मैचों के दौरान कई खिलाड़ियों ने इस पर आपत्ति जताई थी.

इन खिलाड़ियों का दावा है कि मैच के दौरान लगातार बजने वाले इस वाद्य यंत्र के कारण उनका ध्यान बँटता है.

सुनिए वुवुज़ेला का विवाद

फ़्रांस की टीम के कप्तान पैट्रिस एवरा का तो कहना है कि सुबह-सुबह उनकी नींद वुवुज़ेला के कारण ही खुलती है और खिलाड़ी अच्छी नींद भी नहीं ले पाते.

इस बारे में कई मॉल के प्रबंधकों को बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही हैं. बीबीसी को भी 500 से ज़्यादा शिकायतें मिली हैं.

इन्हीं शिकायतों के मद्देनज़र अब डरबन के एक मॉल को वुवुज़ेला फ़्री ज़ोन घोषित किया गया है यानी इस मॉल में अब कोई वुवुज़ेला नहीं बजा पाएगा.

इस मॉल के प्रबंधकों को दुकानदारों के साथ-साथ वहाँ आने वाले लोगों की ओर से भी शिकायतें मिली थीं. पिछले दिनों खिलाड़ियों की बढ़ती आपत्तियों के बीच विश्व कप मैचों के दौरान स्टेडियम में भी वुवुज़ेला पर पाबंदी की बात उठी थी.

Image caption इस संदर्भ में कई जगह प्रदर्शन भी हुए

लेकिन विश्व कप के आयोजकों और फ़ीफ़ा प्रमुख सेप ब्लाटर ने इसे दक्षिण अफ़्रीकी संस्कृति का हिस्सा बताया था और पाबंदी की बात ख़ारिज कर दी थी.

हड़ताल भी सुर्ख़ियों में

विश्व कप के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए अस्थाई रूप से तैनात सुरक्षाकर्मियों की हड़ताल के कारण भी दक्षिण अफ़्रीका चर्चा में हैं. डरबन, केपटाउन और पोर्ट एलिज़ाबेथ में इन सुरक्षाकर्मियों ने हड़ताल की.

कई जगह पुलिसवालों ने इन हड़तालकर्मियों पर सख़्ती भी बरती. इन हड़ताली सुरक्षाकर्मियों का दावा है कि इनसे ज़्यादा पैसे देने का वादा किया गया था और अब उन्हें कम पैसे दिए जा रहे हैं.

इनकी मांग है कि फ़ीफ़ा इस मामले में दख़ल दे और उन्हें बताए कि उनका वेतन कितना तय किया गया था और कितना होना चाहिए.

लेकिन लगता यही है कि फ़ीफ़ा इस मामले में दख़ल नहीं देना चाहती.

इस अस्थाई सुरक्षाकर्मियों की हड़ताल के कारण दक्षिण अफ़्रीकी पुलिस को क़रीब 1000 ट्रेनी पुलिसकर्मियों को उतारना पड़ा है.

पधारो म्हारे देश

Image caption दक्षिण अफ़्रीका फ़ुटबॉल के लिए आने वाले पर्यटकों को सदा के लिए अपना बनाना चाहती है

विश्व कप के लिए दक्षिण अफ़्रीका में आने वालों की संख्या दिनों-दिन बढ़ती जा रही है. पहले आकलन किया गया था कि क़रीब साढ़े तीन लाख लोग विदेशों से मैच के लिए यहाँ आएँगे, फिर ये संख्या चार लाख हुई.

अब दक्षिण अफ़्रीकी सरकार के ताज़ा आँकड़ों की मानें तो एक जून से 13 जून के बीच सिर्फ़ विश्व कप के लिए दक्षिण अफ़्रीका में आने वाले लोगों की संख्या साढ़े चार लाख पार कर चुकी है.

सरकार इससे काफ़ी उत्साहित है क्योंकि विश्व कप उसके लिए बहुत बड़ा मौक़ा है पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करने का, जो विश्व कप के बाद भी यहाँ आना-जाना जारी रखें.

सरकार को उम्मीद है कि जैसे-जैसे विश्व कप में प्रगति होगी, बाहर से आने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ेगी. लेकिन ऐसा नहीं है कि विदेशों से आने वाले सभी लोगों का यहाँ स्वागत ही हो रहा है.

सरकारी आँकड़ों के मुताबिक़ 79 लोगों को देश में घुसने नहीं दिया गया क्योंकि इनके बारे में यह शक था कि ये शरारती तत्व हैं.

संबंधित समाचार