अर्जेंटीना और फ़्रांस पर होगी नज़र

अर्जेंटीना और नाइजीरिया का मैच
Image caption अर्जेंटीना को गोल दाग़ने पर ध्यान केंद्रित करना होगा

गुरुवार को पहला मैच दो बार की चैम्पियन टीम अर्जेंटीना और दक्षिण कोरिया के बीच जोहानेसबर्ग के सॉकर सिटी स्टेडियम में होगा. दोनों ही टीमों ने अपने पहले मैच में जीत हासिल की थी. अर्जेंटीना ने नाइजीरिया को 1-0 से तो दक्षिण कोरिया ने ग्रीस को 2-0 से मात दी थी.

नाइजीरिया के ख़िलाफ़ अर्जेंटीना की टीम ने मैदान पर अपना दम तो दिखाया लेकिन वे गोल नहीं कर पाए. टीम के स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी को गोल करने के कई मौक़े मिले, लेकिन वे चूक गए. दूसरी ओर गोंज़ालो हिग्वेन का भी टीम भरपूर इस्तेमाल नहीं कर पाई.

दूसरी ओर ग्रीस को पछाड़कर 2-0 से अंतर से जीत हासिल करने वाली दक्षिण कोरिया की टीम के हौसले बुलंद हैं. वर्ष 2002 के विश्व कप में सेमी फ़ाइनल तक पहुँचने वाली दक्षिण कोरिया की टीम ने बता दिया है कि इस प्रतियोगिता में भी वे बहुत आगे तक जाने के लिए आए हैं.

इस मैच में अर्जेंटीना के मेसी के अलावा हिग्वेन पर भी नज़र होगी, जो पहले मैच में उतना अच्छा नहीं खेल पाए थे. जबकि दक्षिण कोरिया के चा-डू री पर भी लोगों की नज़र होगी.

ग्रीस-नाइजीरिया

दूसरा मैच ब्लूमफोंटेन में ग्रीस और नाइजीरिया के बीच खेला जाएगा. दोनों ही टीमें अपना पहला मैच हार चुकी हैं. इसलिए इस मैच में जीत से यह तय हो सकता है कि कौन सी टीम तीसरे नंबर पर आ सकती है या कौन सी टीम सबसे नीचे रहेगी. ग्रीस की टीम दक्षिण कोरिया के हाथों 2-0 से हार गई थी, तो नाइजीरिया को अर्जेंटीना ने 1-0 से मात दी थी.

यूरो 2004 की चैम्पियन रही ग्रीस की टीम का रिकॉर्ड विश्व कप में काफ़ी ख़राब रहा है. 1994 के विश्व कप में टीम अपने तीनों मैच हार गई थी और इस विश्व कप में टीम अपना पहला मैच हार गई थी. और तो और टीम विश्व कप में एक भी गोल तक नहीं कर पाई है.

अपने आलोचकों को जवाब देने और विश्व कप में अपना रिकॉर्ड बेहतर करने के लिए ग्रीस को नाइजीरिया को हराना होगा. ग्रीस के क्वालीफ़ाइंग राउंड मैच में गेकास ने सर्वाधिक गोल मारे थे. नाइजीरिया के लिए वे काफ़ी ख़तरनाक हो सकते हैं.

दूसरी ओर नाइजीरिया की टीम भी जीत के लिए तरस रही है. नाइजीरिया की टीम ने अभी तक विश्व कप में जो चार जीत हासिल की है, वे सभी यूरोपीय टीमों के ही ख़िलाफ़ हैं. वर्ष 1994 में नाइजीरिया ने ग्रीस को भी मात दी थी.

स्ट्राइकर ओबाफ़ेमी मार्टिन्स से टीम को काफ़ी उम्मीदें होंगी.

फ़्रांस-मैक्सिको

Image caption फ़्रांस पिछले विश्वकप की उपविजेता टीम है

दिन का तीसरा और आख़िरी मैच फ़्रांस और मैक्सिको के बीच पोलोकवाने में खेला जाएगा. दोनों ही टीमों का पहला मैच ड्रॉ रहा था. पहले मैच में फ़्रांसीसी कोच रेमंड डोमेनेच की रणनीति की काफ़ी आलोचना हुई थी. पूर्व स्टार खिलाड़ी ज़िदान ने भी टीम से एकजुट होकर खेलने की अपील की थी.

इसलिए हो सकता है कि डोमेनेच दबाव में टीम में कुछ बदलाव करने पर मजबूर हो जाएँ. मलूदा को इस बार शायद शुरू में ही मौक़ा मिल जाए. लेकिन विलियम गैलास का खेलना तय नहीं है क्योंकि ट्रेनिंग के दौरान उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आ गया था.

दूसरी ओर मैक्सिको के मैनेजर ने कहा है कि उनकी टीम आक्रामक फ़ुटबॉल खेलना जारी रखेगी. दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ मैच में मैक्सिको की टीम एक बार पिछड़ गई थी, लेकिन आक्रामक फ़ुटबॉल के कारण मैक्सिको ने मैच में वापसी की और मैच ड्रॉ हुआ.

गिलेर्मो फ़्रैंको, कार्लोस वेला और जियोवानी डॉस सैन्टोस की तिकड़ी फ़्रांस के ख़िलाफ़ मैच में जलवा दिखाने को तैयार है. दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ गोल मारने वाले कप्तान रफ़ाएल मार्केज भी इस मैच में अच्छे प्रदर्शन के लिए तैयार है हालाँकि उन्हें भी थोड़ी चोट लगी है.

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