वुवुज़ेला का शोर थमेगा!

Image caption हार के बाद दक्षिण अफ़्रीका और फ्रांस के कोच को जाना पड़ा है

विश्व कप का नॉक आउट चरण शुरू होते ही टीमों के बाहर होने का सिलसिला तो शुरू हो ही गया है, कोच भी टीम से विदाई ले रहे हैं.

मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका को दूसरे दौर में न ले जा पाने वाले कोच अल्बर्टो कार्लोस परेरा ने कोच पद छोड़ दिया है.

तो दूसरी ओर संकट से दो-चार फ़्रांसीसी टीम के कोच रेमंड डोमेनेच की भी विदाई हो गई है. डोमेनेच की विदाई तो पहले से ही तय थी, लेकिन उन्होंने भी ऐसी विदाई की कल्पना नहीं की होगी.

टीम में ज़बरदस्त संकट है और संकट के केंद्र में ख़ुद रेमंड डोमेनेच ही हैं. ये वही डोमेनेच हैं, जिन्होंने चार साल पहले अपनी टीम को विश्व कप के फ़ाइनल तक पहुँचाया था.

लेकिन आज हालत ये हो गई कि टीम दूसरे दौर में नहीं पहुँच पाई, इस विश्व कप में एक मैच भी नहीं जीत पाई और सिर्फ़ एक गोल मार पाई.

दूसरी ओर ब्राज़ील को विश्व कप जितवाने वाले कोच अल्बर्टो कार्लोस परेरा ने भी दक्षिण अफ़्रीकी टीम से विदाई ले ली है. दक्षिण अफ़्रीका पहला ऐसा मेज़बान देश बना है, जो दूसरे दौर में नहीं पहुँच पाया है.

लेकिन कोच परेरा इससे तो ज़रूर ख़ुश होंगे कि उनकी टीम ने अपने आख़िरी ग्रुप मैच में फ़्रांस को मात दी.

सांबा और वुवुज़ेला

दक्षिण अफ़्रीका के विश्व कप से बाहर हो जाने के बाद क्या वुवुज़ेला का शोर थमेगा?- ये सवाल कई लोगों के मन में है.

Image caption वुवुज़ेला का शोर थमेगा या नहीं, इस पर सवाल उठ रहे हैं

मैक्सिको-उरुग्वे मैच के बाद जैसे ही मेज़बान देश के बाहर होने की बात फैली, लोग ये सवाल भी पूछने लगे कि क्या वुवुज़ेला का शोर अब कम होगा. लेकिन फ़िलहाल ऐसा तो नहीं लगता.

वैसे भी दक्षिण अफ़्रीकी लोग अब दूसरी पसंदीदा टीमों पर शर्त लगाने लगे हैं और शायद स्टेडियम में अब ऐसी टीमों का समर्थन भी बढ़ेगा. इनमें ब्राज़ील की टीम सबसे ऊपर है.

तो जो लोग वुवुज़ेला के थमने की आस लगाए बैठे हैं, उन्हें थोड़ी निराशा हो सकती है. शायद अब सांबा के साथ वुवुज़ेला के शोर की आदत उन्हें आगे के मैचों के लिए डालनी होगी.

अब ओलंपिक की बारी

दक्षिण अफ़्रीका में विश्व कप फ़ुटबॉल के आयोजन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है.

हालाँकि आयोजन में कुछ कमियाँ भी रही हैं, लेकिन कुल मिलाकर अभी तक आयोजन से मेज़बान देश ने सबको ख़ुश रखा है.

अब मेज़बान देश बाहर हो चुका है. राष्ट्रपति जैकब ज़ूमा ने अपने संदेश में कहा है कि बफ़ाना टीम ने बहादुरीपूर्वक खेल दिखाया और फ़्रांस जैसी टीम को मात दी.

उन्होंने कहा कि देश को अपनी टीम पर गर्व है. साथ ही उन्होंने ये भी कह डाला कि विश्व कप फ़ुटबॉल का आयोजन करने वाले पहला अफ़्रीकी देश बनने का गौरव हासिल करने के बाद अब उनका देश ओलंपिक की मेज़बानी का भी दावा करेगा.

आपको बता दें कि ओलंपिक का आयोजन भी अभी तक किसी अफ़्रीकी देश में नहीं हुआ है.

वैसे दक्षिण अफ़्रीका में खेल का जुनून जिस तरह है, उससे उनका ये दावा भी मज़बूत रहेगा.

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